शिक्षा और मनोविज्ञान
शिक्षा: अर्थ और परिभाषाएँ
- महात्मा गांधी ने शिक्षा को सर्वांगीण विकास (शरीर, आत्मा तथा मस्तिष्क के विकास) की प्रक्रिया माना है।
- प्राचीनकाल के विद्वानों ने ज्ञान को मनुष्य का तीसरा नेत्र कहा। ज्ञानं मनुजस्य
तृतीयं नेत्रं
- शिक्षा शब्द संस्कृत की ‘शिक्ष’ धातु से बना है और इसका अर्थ है-सीखना।
- अंग्रेजी भाषा का शब्द एजुकेशन (Education) लैटिन भाषा के निम्न शब्दों से उत्पन्न हुआ है।-
- Educatum: एजूकेटम: प्रशिक्षण देना या शिक्षित करना
- Educare: एडूकेयर: आगे बढ़ाना, विकसित करना, पोषण करना
- Educere: एडूसीयर: बाहर की ओर अग्रसित करना
- "शिक्षा मनुष्य को पाशविक प्रवृत्तियों से ऊँचा उठाने का कार्य करती है।" – अरस्तू
(Aristotle)
- "शिक्षा को मनुष्य का और समाज का निर्माण करना चाहिए। इस कार्य को किये बिना शिक्षा
अनुर्वर और अपूर्ण है।" – (डॉ. एस. राधाकृष्णन)
- "शिक्षा से मेरा अभिप्राय बालक एवं मनुष्य के शरीर, मस्तिष्क एवं आत्मा के सर्वोत्तम अंश
की अभिव्यक्ति है।" – (एम.के. गांधी)
- "शिक्षा एक द्विमुखीय प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्तित्व दूसरे व्यक्तित्व को प्रभावित
करता है, जिससे उसके व्यवहार में परिवर्तन हो सके।" – (जॉन एडम्स)
- "शिक्षा एक त्रिमुखीय प्रक्रिया है।" – (जॉन ड्यूई)
- "शिक्षा वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बालक की जन्मजात शक्तियाँ बाहर प्रकट होती हैं।" –
(फ्रोबेल)
- "शिक्षा व्यक्ति की वैयक्तिकता का पूर्ण विकास है जिससे कि वह अपनी पूर्ण योग्यता के
अनुसार मानव जीवन को मौलिक योगदान कर सके।" – (टी.पी. नन)
- "शिक्षा मनुष्य की आंतरिक शक्तियों का स्वाभाविक, सर्वांगीण एवं प्रगतिशील विकास है।" –
(पेस्टालॉजी)
शिक्षा के प्रमुख चार अंग
- शिक्षक
- शिक्षार्थी
- पाठ्यक्रम
- सामाजिक वातावरण
शिक्षा पर महत्वपूर्ण उद्धरण
- "संगमरमर के पत्थर के लिए जो महत्व मूर्तिकार का है वही महत्व आत्मा के लिए शिक्षा का
है।" – (एडिसन)
- "जो विचार जीवन-निर्माण, मनुष्य-निर्माण तथा चरित्र-निर्माण में सहायक हों, उन्हें ही
शिक्षा संज्ञा दी जा सकती है।" – (स्वामी विवेकानंद)
- "पौधे का विकास कृषि के द्वारा एवं मनुष्य का विकास शिक्षा के द्वारा होता है।" – (लॉक)
- "समाजविहीन व्यक्ति कोरी कल्पना है।" – (रेमण्ड)
- "विद्याविहीन नर: पशुः समानः" – (भर्तृहरि)
महत्वपूर्ण पुस्तकें और लेखक
- डेमोक्रेसी एंड एजूकेशन – जॉन ड्यूई
- ऑन द करेक्ट हैंडलिंग ऑफ कंट्राडिक्शन्स अमंग द पीपल – माओ-त्से-तुंग
- लर्निंग टू बी – यूनेस्को
- टॉक टू द टीचर्स – विलियम जेम्स
- Evolution of Education Theory – जॉन एडम्स
मनोविज्ञान का अर्थ
- 1. आत्मा का विज्ञान (Science of Soul) - गैरेट के अनुसार -
- साइकोलॉजी शब्द की उत्पत्ति यूनानी भाषा के दो शब्दों से हुई है: साइकी (Psyche) + लोगस (Logos)
= आत्मा (Soul) + अध्ययन (Study) = Study of Soul
- समर्थक: प्लेटो, अरस्तू, डेकार्ट
- नोट: आत्मा क्या है एवं उसका रंग, रूप और आकार परिभाषित न कर पाने, उसके
अस्तित्व एवं प्रमाणिकता का उत्तर न दे पाने के कारण 16वीं शताब्दी में मनोविज्ञान का यह अर्थ
अस्वीकार कर दिया गया।
- 2. मस्तिष्क का अध्ययन (Science of Mind):
इटली के दार्शनिक पोम्पोनाजी (Pomponazzi)
ने मध्य युग में मनोविज्ञान को मस्तिष्क का अध्ययन करने वाला विज्ञान कहा।
- आधुनिक मनोविज्ञान मन के स्वरूप तथा प्रकृति का निर्धारण न कर सका। मन शब्द के विषय में भी अनेक
मतभेद हैं। अतः यह परिभाषा भी अस्वीकार की गई।
- 3. चेतना का विज्ञान (Science of Consciousness):
16वीं शताब्दी में वुंट, विलियम
जेम्स, विलियम वुंट, जेम्स सल्ली आदि विद्वानों ने मनोविज्ञान को चेतना का विज्ञान बताया।
- उन्होंने बताया कि मनोविज्ञान मनुष्य की चेतन क्रियाओं का अध्ययन करता है। पर वे चेतना शब्द के
अर्थ के संबंध में एकमत न हो सके।
- चेतन मन के अलावा अचेतन मन और अर्ध-चेतन मन भी होता है, जो मनुष्य की क्रियाओं को प्रभावित करते
हैं।
- परिणामस्वरूप यह परिभाषा भी सर्वमान्य न हो सकी।
- नोट: विलियम जेम्स मनोविज्ञान के चेतना के स्वरूप को स्वीकार करता है।
- 4. व्यवहार का विज्ञान (Science of Behaviour):
20वीं शताब्दी के आरंभ में मनोविज्ञान
के कई अर्थ बताए गए, जिनमें सर्वाधिक मान्यता "मनोविज्ञान, व्यवहार का विज्ञान है।" इस अर्थ को मिली।
- समर्थक: वाटसन, वुडवर्थ, स्किनर, मैकडॉगल, पिल्सबरी आदि।
- "मनोविज्ञान, वातावरण के संबंध में व्यक्ति की क्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है।"
– वुडवर्थ
- "मनोविज्ञान, व्यवहार और अनुभव का विज्ञान है।" – स्किनर
- "मनोविज्ञान मानव व्यवहार और मानव-संबंधों का अध्ययन है।" – मैकडॉगल
- "मनोविज्ञान मानव व्यवहार का विज्ञान है।" – पिल्सबरी
यूपी टीईटी और सीटीईटी के लिए अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य
- बाल-केंद्रित शिक्षा: रूसो, पेस्टालॉजी और फ्रोबेल द्वारा समर्थित।
- रचनावाद (Constructivism): पियाजे और वायगोत्स्की का सिद्धांत।
- ब्लूम का वर्गीकरण (Bloom’s Taxonomy): संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनो-गतिशील क्षेत्र।
- मास्लो का आवश्यकता क्रम: शारीरिक से आत्मबोध तक पाँच स्तर।
- बहुबुद्धि सिद्धांत: हावर्ड गार्डनर द्वारा प्रस्तावित।
- समावेशी शिक्षा: मुख्यधारा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का समावेशन।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020: 5+3+3+4 ढांचा।
- थॉर्नडाइक के अधिगम नियम: प्रभाव, तत्परता और अभ्यास।
- कोहलबर्ग का नैतिक विकास: नैतिकता के छह चरण।
- एरिक्सन का मनोसामाजिक विकास: आठ चरण।
- वायगोत्स्की का समीपस्थ विकास क्षेत्र: ZPD।
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009: 6-14 वर्ष तक शिक्षा का अधिकार।
- निरंतर और समग्र मूल्यांकन (CCE): संज्ञानात्मक व सह-शैक्षिक मूल्यांकन।
- पियाजे का संज्ञानात्मक विकास: चार चरण – संवेदी-गत्यात्मक, पूर्व-संचालन, ठोस-संचालन, औपचारिक-संचालन।
- स्किनर का ऑपरेटेंट कंडीशनिंग: प्रबलन और दंड का प्रयोग।
- ब्रूनर का खोज अधिगम: खोज आधारित सीखना।
- गेस्टाल्ट सिद्धांत: संपूर्णता पर बल।
- ड्यूई का प्रगतिशील शिक्षा सिद्धांत: शिक्षा = जीवन।
- NCF 2005: गतिविधि आधारित अधिगम।
- NCF 2023: फाउंडेशनल स्टेज पर जोर।
- राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण (NAS): शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन।
- सामाजिक अधिगम सिद्धांत: बंडूरा का मॉडल।
- मोंटेसरी पद्धति: बाल-केंद्रित शिक्षा।
- फ्रोबेल: किंडरगार्टन पद्धति।
- फ्रॉएबेल के गिफ्ट्स: शैक्षिक खिलौने।
- जॉन लॉक: टेबुला रसा (Tabula Rasa)।
- बाल अपराध: सामाजिक व पारिवारिक कारण।
- भावनात्मक बुद्धि: डेनियल गोलमैन।
- संज्ञानात्मक असंगति सिद्धांत: लिओन फेस्टिंगर।
- अधिगम के स्तर: ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण, मूल्यांकन।
- ट्रांसफर ऑफ लर्निंग: सकारात्मक, नकारात्मक, शून्य।
- अनुकरण अधिगम: बंडूरा।
- अधिगम की शैलियाँ: दृश्य, श्रव्य, गत्यात्मक।
- समग्र शिक्षा अभियान: 2018 में प्रारंभ।
- SSA (सर्व शिक्षा अभियान): 2001 में प्रारंभ।
- RMSA (माध्यमिक शिक्षा): 2009।
- मिड-डे मील योजना: 1995 में प्रारंभ।
- ICT in Education: डिजिटल शिक्षा।
- स्वयं पोर्टल (SWAYAM): ऑनलाइन शिक्षा।
- DIKSHA Portal: शिक्षक प्रशिक्षण।
- PM eVidya: डिजिटल शिक्षण।
- समावेशन के प्रकार: शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक।
- अभिप्रेरणा के प्रकार: आंतरिक और बाह्य।
- इंट्रिंसिक मोटिवेशन: स्वयं की रुचि से।
- एक्स्ट्रिंसिक मोटिवेशन: बाह्य पुरस्कार।
- स्व-अवधारणा: कार्ल रोजर्स।
- अभिप्रेरणा के सिद्धांत: मास्लो, हर्ज़बर्ग।
- इंस्ट्रक्शनल ऑब्जेक्टिव्स: सामान्य और विशिष्ट उद्देश्य।
- शिक्षा का समाजशास्त्र: शिक्षा = सामाजिक प्रक्रिया।
- लिंग समानता शिक्षा: जेंडर सेंसिटाइजेशन।
- नैतिक शिक्षा: मूल्य आधारित शिक्षा।
- प्रायोगिक अधिगम: प्रयोग और अनुभव पर आधारित।
- शिक्षक की भूमिका: मार्गदर्शक, प्रेरक, सुगमकर्ता।
- समूह अधिगम: सहयोगात्मक शिक्षा।
- फ्लिप्ड क्लासरूम: डिजिटल लेक्चर + क्लास में गतिविधि।
- ओपन एंडेड प्रश्न: आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा।
- मूल्यांकन के प्रकार: प्रारूपिक, संकलनात्मक, नैदानिक।
- ब्लूम का संशोधित वर्गीकरण: एंडरसन और क्रथवाल।
- समस्या-आधारित अधिगम: वास्तविक समस्याओं पर आधारित।
- एक्टिव लर्निंग: गतिविधि आधारित शिक्षा।
- NEP 1986: पहली बार ICT शिक्षा पर जोर।
- Kothari Commission 1964-66: शिक्षा के राष्ट्रीय लक्ष्य।
- NPE 1968: 10+2+3 ढांचा।
- शिक्षक प्रशिक्षण: NCTE द्वारा नियामित।
- बाल अधिकार: संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार संधि 1989।
- शिक्षा में ICT: ई-कंटेंट और स्मार्ट क्लास।
- माइक्रो टीचिंग: डॉ. ड्वाइट एलन।
- शिक्षक दक्षताएँ: विषय ज्ञान, पेडागॉजी, ICT उपयोग।
- क्रिटिकल पेडागॉजी: पाउलो फ्रेरे।
- प्रौढ़ शिक्षा: वयस्क शिक्षा अभियान।
- नवाचार शिक्षा: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और VR का उपयोग।