Abraham Harold Maslow
अब्राहम हैरॉल्ड मास्लो (Abraham Harold Maslow)
प्रतिपादक: अब्राहम हैरॉल्ड मास्लो (Abraham Harold Maslow)
जन्म – मृत्यु: 1 अप्रैल 1908 – 8 जून 1970
देश: संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America)
क्षेत्र: मानवतावादी मनोविज्ञान (Humanistic Psychology)
सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष: 1943 ई.
प्रमुख लेख: “A Theory of Human Motivation” (1943)
प्रमुख ग्रंथ:
प्रमुख समर्थक: कार्ल रोजर्स
उपनाम: आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs Theory)
अब्राहम मास्लो मानवतावादी मनोविज्ञान के प्रमुख प्रवर्तकों में से एक थे। उन्होंने मनुष्य को केवल उत्तेजना-प्रतिक्रिया का यंत्र नहीं माना, बल्कि एक स्वतंत्र, रचनात्मक एवं विकासशील प्राणी के रूप में देखा। मास्लो का मानना था कि मनुष्य सदैव उच्चतर आवश्यकताओं की पूर्ति की ओर अग्रसर रहता है।
मास्लो ने मानव आवश्यकताओं को पदानुक्रम (क्रमबद्ध सीढ़ी) के रूप में प्रस्तुत किया। निम्न स्तर की आवश्यकता पूर्ण होने पर ही व्यक्ति उच्च स्तर की आवश्यकता की ओर बढ़ता है।
मास्लो का आवश्यकता पदानुक्रम पिरामिड
1. प्राथमिक आवश्यकताएँ (Basic / Deficiency Needs)
2. गौण / विकासात्मक आवश्यकताएँ (Growth Needs)
अधिगम तभी प्रभावी होता है जब निम्न स्तर की आवश्यकताएँ संतुष्ट हों।
प्रेरणा आंतरिक होती है, बाहरी दंड-पुरस्कार गौण हैं।
शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण विकसित व्यक्तित्व का निर्माण है।
शिक्षक का कार्य अनुकूल वातावरण प्रदान करना है।
बाल-केंद्रित शिक्षा
अनुभव आधारित अधिगम
स्व-निर्देशित अधिगम
शिक्षक सहायक एवं मार्गदर्शक
विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं की पहचान
डर-मुक्त एवं सहयोगात्मक कक्षा वातावरण
रचनात्मकता एवं आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा
मूल्यपरक एवं जीवनोपयोगी शिक्षा
सभी व्यक्ति आवश्यकताओं को एक ही क्रम में अनुभव नहीं करते
आत्म-वास्तवीकरण मापना कठिन
सांस्कृतिक भिन्नताओं की उपेक्षा
मास्लो का सिद्धांत 1943 ई. में दिया गया
यह मानवतावादी मनोविज्ञान पर आधारित है
आत्म-वास्तवीकरण सर्वोच्च आवश्यकता है
यह सिद्धांत आंतरिक प्रेरणा पर बल देता है
शिक्षक की भूमिका सहायक होती है