लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ लोगों का शासन है।
भारत में मतदान करने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए संविधान द्वारा निर्वाचन आयोग की
व्यवस्था की गई है।
निर्वाचन आयोग चुनाव से पहले प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदाताओं की सूची बनाता है, जिसे
मतदाता सूची (Electoral Roll) कहते हैं।
चुनाव की प्रक्रिया का आरम्भ लोकसभा चुनाव के लिए राष्ट्रपति तथा विधानसभा
चुनाव के लिए राज्यपाल द्वारा अधिसूचना जारी करने से होता है।
उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न निर्वाचन आयोग द्वारा आवंटित किए जाते हैं।
चुनाव प्रचार मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय से 48 घंटे पहले बंद हो जाता है।
EPIC का पूरा नाम Electors Photo Identity Card (मतदाता फोटो पहचान पत्र) है।
EVM का पूरा नाम Electronic Voting Machine (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) है।
VVPAT का पूरा नाम Voter Verifiable Paper Audit Trail है।
NOTA का पूरा नाम None of the Above (इनमें से कोई नहीं) है।
NOTA का अर्थ है कि यदि मतदाता किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करता है, तो वह ‘इनमें से
कोई नहीं’ विकल्प चुन सकता है।
भारत की संसद नई दिल्ली में स्थित है।
भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) 12 अक्टूबर 2005 को लागू हुआ।
जब किसी सूचना को देश-विदेश के जनसमूह तक विभिन्न माध्यमों द्वारा पहुँचाया जाता है, तो उसे
जनसंचार कहा जाता है।
‘Media’ शब्द लैटिन भाषा के ‘Medium’ शब्द से बना है।
‘Medium’ शब्द का अर्थ माध्यम है।
रेडियो, टेलीविजन, समाचार-पत्र, पत्रिकाएँ, बैनर, पोस्टर आदि संचार माध्यम या
मीडिया हैं।
“समाज को दुष्ट व्यक्ति की दुष्टता नहीं, बल्कि अच्छे लोगों की निष्क्रियता पतन की ओर ले जाती है।”
यह कथन शिव खेड़ा का है।
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव के समय जारी की गई नियमों की सूची, जिसका पालन राजनीतिक दलों एवं
उम्मीदवारों को करना होता है, आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) कहलाती है।
संविधान ने भारत को लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया है।
यदि कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है, तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलती है।
भारतीय सशस्त्र सेनाओं के तीन अंग हैं — थलसेना, जलसेना और वायुसेना।
भारतीय सशस्त्र सेनाओं के तीन अंग थल सेना, नौसेना और वायु सेना हैं।
भारतीय सशस्त्र सेनाओं का सर्वोच्च सेनापति भारत का राष्ट्रपति होता है।
देश की वास्तविक सुरक्षा का दायित्व मंत्रिमंडल और सरकार का होता है।
भारतीय थल सेना सात कमानों में विभाजित है।
भारतीय वायु सेना सात कमानों में विभाजित है।
भारतीय नौसेना तीन कमानों में विभाजित है।
थल सेना के अध्यक्ष को थल सेना प्रमुख (Chief of the Army Staff – COAS) कहते हैं।
नौसेना के अध्यक्ष को नौसेना प्रमुख (Chief of the Naval Staff – CNS) कहते हैं।
वायु सेना के अध्यक्ष को वायु सेना प्रमुख (Chief of the Air Staff – CAS) कहते
हैं।
‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम प्रसिद्ध हैं।
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का पूरा नाम डॉ. अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम
था।
BSF का पूरा नाम Border Security Force (सीमा सुरक्षा बल) है।
देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर स्थायी रूप से चौकसी का कार्य सीमा सुरक्षा बल
(BSF) करता है।
समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) कार्य करता
है।
NCC का पूरा नाम National Cadet Corps (राष्ट्रीय कैडेट कोर) है।
CISF का पूरा नाम Central Industrial Security Force (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा
बल) है।
CRPF का पूरा नाम Central Reserve Police Force (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) है।
NSG का पूरा नाम National Security Guard (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) है।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस 7 दिसंबर को मनाया जाता है।
पंचशील के सिद्धांत 1954 में प्रतिपादित किए गए थे।
प्रथम विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक हुआ था।
प्रथम विश्व युद्ध में लगभग 30 से अधिक देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल
हुए थे।
प्रथम विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्रों में प्रमुख देश ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, इटली, जापान
और बाद में अमेरिका आदि थे।
प्रथम विश्व युद्ध में केंद्रीय शक्तियों (Central Powers) के प्रमुख देश जर्मनी,
ऑस्ट्रिया-हंगरी, उस्मानी साम्राज्य (तुर्की) और बुल्गारिया थे।
द्वितीय विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक हुआ था।
द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्रों के प्रमुख देश ब्रिटेन, फ्रांस, सोवियत संघ,
अमेरिका, चीन और पोलैंड आदि थे।
द्वितीय विश्व युद्ध में धुरी राष्ट्रों के प्रमुख देश जर्मनी, इटली और जापान थे।
द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर
परमाणु बम गिराए थे।
संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी।
वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ में 193 सदस्य देश हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ में 193वें सदस्य के रूप में दक्षिण सूडान शामिल हुआ था। यह
14 जुलाई 2011 को संयुक्त राष्ट्र का 193वाँ सदस्य बना।
मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर को मनाया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में 6 आधिकारिक भाषाएँ हैं — अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी,
फ्रेंच, रूसी और स्पेनिश।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी सदस्य होते हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम
(ब्रिटेन) और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) हेग, नीदरलैंड्स में स्थित है।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में कुल 15 न्यायाधीश होते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीश 9 वर्षों के लिए चुने जाते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में वर्तमान भारतीय न्यायाधीश न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी
हैं।
संयुक्त राष्ट्र सचिवालय का सर्वोच्च अधिकारी महासचिव (Secretary-General) होता
है।
संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres)
हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है। महासचिव को एक और
कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया जा सकता है।
UNESCO का पूरा नाम United Nations Educational, Scientific and Cultural
Organization (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) है।
UNEP का पूरा नाम United Nations Environment Programme (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण
कार्यक्रम) है।
UNICEF का पूरा नाम United Nations Children's Fund (संयुक्त राष्ट्र बाल कोष) है।
मूल नाम United Nations International Children's Emergency Fund था।
UNIFEM का पूरा नाम United Nations Development Fund for Women (संयुक्त राष्ट्र
महिला विकास कोष) था। इसे 2010 में UN Women में शामिल कर दिया गया।
WHO का पूरा नाम World Health Organization (विश्व स्वास्थ्य संगठन) है।
FAO का पूरा नाम Food and Agriculture Organization of the United Nations
(संयुक्त राष्ट्र का खाद्य एवं कृषि संगठन) है।
ITU का पूरा नाम International Telecommunication Union (अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार
संघ) है।
ILO का पूरा नाम International Labour Organization (अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन)
है।
IMF का पूरा नाम International Monetary Fund (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष) है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की नियमित बैठक वर्ष में एक बार होती है। सामान्यतः इसका
वार्षिक सत्र सितंबर में शुरू होता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष का होता है।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) की स्थापना 8 दिसंबर 1985 को हुई।
दक्षेस (SAARC) का स्थायी कार्यालय काठमांडू, नेपाल में स्थित है।
वर्तमान में दक्षेस (SAARC) के 8 सदस्य देश हैं।
दक्षेस (SAARC) के सदस्य देश भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, मालदीव, श्रीलंका
और अफगानिस्तान हैं।
ASEAN का पूरा नाम Association of Southeast Asian Nations (दक्षिण-पूर्व एशियाई
राष्ट्रों का संगठन) है।
ASEAN की स्थापना 8 अगस्त 1967 को हुई थी।
ASEAN में वर्तमान में 11 सदस्य देश हैं। 2025 में तिमोर-लेस्ते
के शामिल होने के बाद ASEAN की सदस्य संख्या 11 हो गई है।
नागरिक सुरक्षा संगठन की स्थापना 1962 में हुई थी।
भारत-चीन युद्ध 20 अक्टूबर 1962 से 21 नवंबर 1962 तक हुआ था।
नागरिकों को हवाई हमले के दौरान सबसे अधिक खतरा हवाई हमलों से होता है।
विमान की दिशा और लक्ष्य की जानकारी रडार (Radar) द्वारा प्राप्त की जाती है।
हवाई हमले के समय सायरन बजाकर चेतावनी दी जाती है। पुराने नागरिक सुरक्षा अभ्यासों
में दिन में लाल झंडी और रात में लाल बत्ती दिखाने का भी प्रावधान था।
आबादी वाले क्षेत्रों में अंधकार करके शत्रु को लक्ष्य पहचानने में भ्रमित करने की प्रक्रिया को
ब्लैकआउट (Blackout) कहते हैं।
नागरिक सुरक्षा संगठन प्राकृतिक आपदाओं के समय बचाव एवं राहत कार्यों में सहयोग
करता है।
हवाई हमला समाप्त होने के बाद हरे रंग का प्रकाश दिखाया जाता है।
पेट्रोल से लगी आग को ड्राई पाउडर या फोम अग्निशामक यंत्र से बुझाया जाता है।
पेट्रोल जैसी ज्वलनशील द्रव की आग पर पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
गैस से लगी आग बुझाने के लिए ड्राई पाउडर अग्निशामक यंत्र उपयुक्त होता है।
ड्राई पाउडर अग्निशामक यंत्र का प्रयोग ज्वलनशील द्रवों और गैसों की आग बुझाने के
लिए किया जाता है। इसमें सामान्यतः सोडियम बाइकार्बोनेट या अन्य उपयुक्त अग्निशामक पाउडर का प्रयोग
किया जाता है।
CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) अग्निशामक यंत्र में कार्बन डाइऑक्साइड गैस का प्रयोग आग
बुझाने के लिए किया जाता है। यह विशेष रूप से विद्युत उपकरणों और ऐसे स्थानों पर उपयोगी है जहाँ
पानी से नुकसान हो सकता है, जैसे कंप्यूटर और अन्य विद्युत उपकरण।
वाटर टाइप (Water Type) अग्निशामक यंत्र में पानी का प्रयोग आग बुझाने के लिए किया
जाता है। यह मुख्यतः कागज, लकड़ी, कपड़ा आदि ठोस ज्वलनशील पदार्थों की आग बुझाने के लिए उपयोगी है।
इसमें मुख्य रूप से कूलिंग विधि द्वारा आग बुझाई जाती है।
फोम टाइप (Foam Type) अग्निशामक यंत्र का प्रयोग पेट्रोल, डीजल, तेल आदि ज्वलनशील
द्रव पदार्थों की आग बुझाने के लिए किया जाता है। फोम आग की सतह को ढककर ऑक्सीजन की आपूर्ति को
रोकता है और आग को बुझाने में सहायता करता है।
बिजली से लगी आग पर पानी नहीं डालना चाहिए। विद्युत आग में उपयुक्त CO₂ या
ड्राई पाउडर अग्निशामक यंत्र का प्रयोग किया जाता है।
दिव्यांगता एक ऐसी शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक या संवेदी स्थिति है, जिसके कारण
व्यक्ति को दैनिक जीवन की कुछ गतिविधियाँ करने या समाज में पूर्ण एवं प्रभावी रूप से भाग लेने में कठिनाई हो सकती
है।
ऐसे व्यक्ति जिन्हें सुनने, बोलने, देखने या चलने में कठिनाई होती है, उन्हें दिव्यांग
व्यक्ति कहा जाता है।
दिव्यांगता की प्रमुख श्रेणियाँ — दृष्टि संबंधी, श्रवण संबंधी, चलने-फिरने/शारीरिक,
बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांगता हैं।
भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित प्रमुख कानून दिव्यांगजन अधिकार
अधिनियम, 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) है।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 ने पुराने विकलांग व्यक्तियों के लिए समान अवसर, अधिकारों
का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी अधिनियम, 1995 का स्थान लिया।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को मान्यता
दी गई है।
‘बेंचमार्क दिव्यांगता’ का अर्थ है — सामान्यतः 40% या उससे अधिक निर्दिष्ट
दिव्यांगता, जिसे निर्धारित प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया हो।
दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा का प्रमुख उद्देश्य — समानता, गरिमा, स्वतंत्रता,
गैर-भेदभाव और समाज में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करना है।
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) वह शिक्षा व्यवस्था है जिसमें दिव्यांग और
गैर-दिव्यांग बच्चे एक साथ सीखते हैं तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सहायता और सुविधाएँ प्राप्त करते
हैं।
विशेष शिक्षा और समावेशी शिक्षा में मुख्य अंतर — विशेष शिक्षा में विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के
लिए अलग या विशेष व्यवस्था हो सकती है, जबकि समावेशी शिक्षा में सभी बच्चों को एक
साथ शिक्षा देने पर जोर दिया जाता है।
दिव्यांग बच्चों के लिए ‘उचित समायोजन’ (Reasonable Accommodation) का अर्थ है — बच्चे की विशेष
आवश्यकता के अनुसार आवश्यक और उपयुक्त बदलाव या सहायता उपलब्ध कराना, ताकि वह शिक्षा में समान रूप
से भाग ले सके।
दिव्यांग बच्चे सामान्य विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते उचित
सहयोग, सुगम वातावरण और आवश्यक शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध हों।
दिव्यांगता के कारण बच्चे को शिक्षा से वंचित करना समानता और समावेशी शिक्षा के
सिद्धांत के विरुद्ध है।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ब्रेल लिपि उपयोगी है।
श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए भारतीय सांकेतिक भाषा (Indian Sign
Language—ISL) तथा दृश्य-आधारित शिक्षण सामग्री विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
व्हीलचेयर का उपयोग मुख्यतः चलने-फिरने में कठिनाई वाले व्यक्तियों की सहायता के
लिए किया जाता है।
विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप सुगम आवागमन (Accessibility) सुनिश्चित
करने के लिए आवश्यक है।
दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में अतिरिक्त समय उनकी विशेष आवश्यकताओं को
ध्यान में रखते हुए समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए दिया जा सकता है।
सुगम्यता (Accessibility) का अर्थ है — ऐसी व्यवस्था जिसमें दिव्यांग व्यक्ति भवन, परिवहन,
सूचना, संचार और डिजिटल सेवाओं का यथासंभव स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके।
सहायक उपकरण (Assistive Devices) ऐसे उपकरण हैं जो दिव्यांग व्यक्तियों को दैनिक
कार्य करने और अधिक स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में सहायता करते हैं।
दिव्यांगता के प्रति समाज का उचित दृष्टिकोण — सम्मान, समान अवसर, सहयोग और भेदभाव से
मुक्त व्यवहार होना चाहिए।
दिव्यांग बच्चों के प्रति शिक्षक का सबसे उचित व्यवहार — बच्चे की क्षमता और
आवश्यकता को समझकर समान सम्मान, अवसर और आवश्यक सहयोग देना।
समावेशी कक्षा में शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका — सभी विद्यार्थियों के लिए समान
भागीदारी और सीखने के अवसर सुनिश्चित करना है।
दिव्यांग विद्यार्थियों के मूल्यांकन में शिक्षक को विद्यार्थी की विशेष आवश्यकता, क्षमता
और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए।
दिव्यांगता के प्रति नकारात्मक रूढ़ियाँ (Stereotypes) बच्चे के आत्मविश्वास, सहभागिता और
सीखने के अवसरों को प्रभावित कर सकती हैं।
दिव्यांगता और बीमारी में अंतर — दिव्यांगता को केवल बीमारी नहीं माना जाता; यह व्यक्ति की
स्थिति के साथ-साथ उसके वातावरण में मौजूद बाधाओं से भी प्रभावित होती है।
दिव्यांगता के सामाजिक मॉडल का मुख्य विचार — समस्या केवल व्यक्ति की स्थिति में नहीं, बल्कि
समाज और वातावरण में मौजूद बाधाओं में भी हो सकती है।
दिव्यांगता का चिकित्सीय मॉडल व्यक्ति की शारीरिक या चिकित्सीय स्थिति तथा उसके
उपचार और पुनर्वास पर अधिक जोर देता है।
भारत में पल्स पोलियो अभियान 1995 में शुरू किया गया था।
पल्स पोलियो की खुराक 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को दी जाती है।
पल्स पोलियो अभियान का प्रसिद्ध नारा “दो बूंद ज़िंदगी की” है।
RPwD Act — 2016 के अनुसार मान्यता प्राप्त दिव्यांगताएँ 21 हैं।
बेंचमार्क दिव्यांगता 40% या अधिक होती है।
ब्रेल दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए है।
ISL का पूरा नाम — Indian Sign Language (भारतीय सांकेतिक भाषा) है।
Inclusive Education का अर्थ — सभी बच्चों को साथ लेकर शिक्षा देना है।
Reasonable Accommodation का अर्थ — आवश्यकता के अनुसार उचित सहायता/समायोजन करना
है।
पल्स पोलियो अभियान 1995 में शुरू किया गया था।
पल्स पोलियो की खुराक 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को दी जाती है।
पल्स पोलियो का नारा — “दो बूंद ज़िंदगी की” है।
स्टीफन हॉकिंग विश्व प्रसिद्ध ब्रिटिश सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी और ब्रह्मांड
विज्ञानी थे।
स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल, ब्रह्मांड की उत्पत्ति और ब्रह्मांड विज्ञान से जुड़े
महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य किया था।
स्टीफन हॉकिंग ALS (मोटर न्यूरॉन रोग) से प्रभावित थे, जिसके कारण उनकी शारीरिक
गतिशीलता और बोलने की क्षमता बहुत सीमित हो गई थी। वे तकनीकी सहायता से संवाद करते थे।
सुधा चंद्रन भारत की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना और अभिनेत्री हैं।
सुधा चंद्रन के जीवन पर आधारित फिल्म का नाम ‘नाचे मयूरी’ है।
सुधा चंद्रन की प्रेरणादायक उपलब्धि — दुर्घटना में एक पैर खोने के बाद भी उन्होंने कृत्रिम
पैर की सहायता से नृत्य जारी रखा और नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
रवीन्द्र जैन हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध संगीतकार, गीतकार और पार्श्वगायक थे।
रवीन्द्र जैन जन्म से दृष्टिबाधित थे, फिर भी उन्होंने संगीत के क्षेत्र में
उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।
रवीन्द्र जैन को 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
रवीन्द्र जैन के फिल्मी संगीत करियर की शुरुआत ‘सौदागर’ (1973) से हुई थी।
अरुणिमा सिन्हा भारत की प्रसिद्ध पर्वतारोही और प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं।
अरुणिमा सिन्हा माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला दिव्यांग
पर्वतारोही हैं।
अरुणिमा सिन्हा के साथ दुर्घटना 12 अप्रैल 2011 को एक रेल यात्रा के दौरान हुई थी,
जिसमें उनका एक पैर खो गया।
अरुणिमा सिन्हा ने माउंट एवरेस्ट 21 मई 2013 को फतह किया।
देवेंद्र झाझरिया भारत के प्रसिद्ध पैरा-एथलीट हैं और भाला फेंक प्रतियोगिता में
विशेषज्ञ हैं।
देवेंद्र झाझरिया ने बचपन में एक दुर्घटना के कारण बायाँ हाथ खो दिया था।
देवेंद्र झाझरिया ने पैरालंपिक खेलों में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीते हैं।
देवेंद्र झाझरिया को अर्जुन पुरस्कार, राजीव गांधी खेल रत्न और पद्म भूषण सहित कई
सम्मान प्राप्त हुए हैं।
दीपा मलिक भारत की प्रसिद्ध पैरा-एथलीट हैं, जो मुख्य रूप से शॉटपुट से जुड़ी रही
हैं।
दीपा मलिक पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
दीपा मलिक ने रियो पैरालंपिक 2016 में शॉटपुट में रजत पदक जीता था।