बल: परिमाण, दिशा, और मात्रक
बल एक प्रकार का धक्का या खिंचाव है जिसमें किसी वस्तु की अवस्था (गति या विराम) में परिवर्तन करने की प्रवृत्ति होती है। बल एक सदिश राशि है, जिसमें परिमाण (मात्रा) और दिशा दोनों होते हैं। SI पद्धति में बल का मात्रक न्यूटन (N) है। एक न्यूटन वह बल है जो 1 किलोग्राम द्रव्यमान वाली वस्तु को 1 मीटर/सेकंड² का त्वरण प्रदान करता है।
उदाहरण: गेंद को लात मारने पर वह गति में आती है (धक्का), और रस्सी खींचने पर वस्तु पास आती है (खिंचाव)।
दाब: बल और दाब में संबंध, सूत्र, और मात्रक
किसी सतह के एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले अभिलंबवत बल को दाब कहते हैं। इसे निम्न सूत्र से व्यक्त किया जाता है:
दाब (P) = अभिलंबवत बल (F) / क्षेत्रफल (A)
अभिलंबवत बल को प्रणोद कहते हैं। दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) है, जहाँ 1 पास्कल = 1 न्यूटन/मीटर²। MKS पद्धति में भी दाब का मात्रक न्यूटन/मीटर² है।
संबंध:
- समान बल पर, क्षेत्रफल कम होने पर दाब बढ़ता है।
- समान क्षेत्रफल पर, बल बढ़ाने पर दाब बढ़ता है।
दैनिक जीवन में दाब का प्रभाव
दाब का प्रभाव दैनिक जीवन में कई रूपों में देखा जाता है:
- पैनी छुरी से सेब आसानी से कटता है, क्योंकि छोटा क्षेत्रफल दाब बढ़ाता है।
- नुकीली पिन से दफ्ती में छेद करना आसान होता है।
- स्कूली बस्ते में चौड़े पट्टे दाब कम करते हैं, जिससे कंधों पर बोझ कम लगता है।
- मजदूर पगड़ी पहनकर बोझ ढोते हैं, क्योंकि यह क्षेत्रफल बढ़ाकर दाब कम करती है।
- ट्रकों में छह टायरों का उपयोग सड़क पर दाब कम करता है।
वायुमण्डलीय दाब
पृथ्वी चारों ओर वायु से घिरी है, और यह वायु का आवरण वायुमण्डल कहलाता है, जो लगभग 100 किमी ऊँचाई तक फैला है। वायुमण्डल के कारण पृथ्वी की सतह पर लगने वाला दाब वायुमण्डलीय दाब कहलाता है, जिसे संक्षेप में वायु दाब भी कहते हैं।
वायु दाब = वायु स्तंभ का भार (न्यूटन में) / क्षेत्रफल (वर्ग मीटर में)
विशेषताएँ:
- समुद्र तल पर वायु दाब पारे के 76 सेमी ऊँचे स्तंभ के दाब के बराबर होता है।
- प्रामाणिक वायु दाब का मान 1.013 × 10⁵ पास्कल (न्यूटन/मीटर²) है।
- ऊँचाई बढ़ने पर वायु दाब कम होता है (110 मीटर ऊपर जाने पर पारे के 1 सेमी स्तंभ के बराबर दाब कम)।
- नैनीताल (1800 मीटर ऊँचाई) पर वायु दाब पारे के 60 सेमी स्तंभ के बराबर है।
मापन: निर्द्रव दाबमापी (ऐनरॉइड बैरोमीटर) का उपयोग होता है। इसमें एक गोलाकार धातु का डिब्बा होता है, जिसके ढक्कन पर वायु दाब का प्रभाव पड़ता है। दाब बढ़ने पर ढक्कन अंदर दबता है, और कम होने पर ऊपर उठता है, जिससे संकेतक दाब का मान दर्शाता है। यह पोर्टेबल होता है क्योंकि इसमें द्रव का उपयोग नहीं होता।
उपयोग: वायु दाब का उपयोग मौसम पूर्वानुमान, ऊँचाई मापन, और वैज्ञानिक प्रयोगों में होता है।
घनत्व और आपेक्षिक घनत्व
किसी वस्तु के द्रव्यमान और आयतन के अनुपात को घनत्व कहते हैं:
घनत्व (d) = द्रव्यमान (m) / आयतन (V)
SI मात्रक: किलोग्राम/मीटर³। उदाहरण: जल का घनत्व = 1000 किग्रा/मी³, पारे का घनत्व = 13600 किग्रा/मी³।
आपेक्षिक घनत्व किसी वस्तु के घनत्व और 4°C पर जल के घनत्व (1000 किग्रा/मी³) का अनुपात है। यह एक निराकार राशि है।
प्लवन और उत्प्लावन बल
किसी द्रव (तरल या गैस) में आंशिक या पूर्ण रूप से डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर लगने वाला बल उत्प्लावन बल कहलाता है। यह वस्तु के भार में कमी प्रतीत कराता है।
आर्किमिडीज का सिद्धान्त: किसी वस्तु को द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोने पर उसके भार में कमी वस्तु द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होती है।
प्लवन के नियम:
- यदि वस्तु का घनत्व द्रव से अधिक है, तो वस्तु डूब जाती है।
- यदि वस्तु का घनत्व द्रव के बराबर है, तो वस्तु पूर्णतः डूबी तैरती है।
- यदि वस्तु का घनत्व द्रव से कम है, तो वस्तु आंशिक रूप से डूबी तैरती है।
उदाहरण: जहाज का घनत्व पानी से कम होता है, इसलिए वह तैरता है।
द्रव का दाब
द्रव सभी दिशाओं में समान दाब डालता है। द्रव का दाब निम्न पर निर्भर करता है:
- गहराई (h): गहराई बढ़ने पर दाब बढ़ता है।
- घनत्व (d): घनत्व अधिक होने पर दाब बढ़ता है।
- गुरुत्वीय त्वरण (g): दाब = h × d × g
द्रव बर्तन की पेंदी पर भी दाब डालता है।
आंकिक प्रश्न
1. 1 मीटर × 1 मीटर × 1 मीटर के बर्तन में पारे का द्रव्यमान:
आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई = 1 × 1 × 1 = 1 मी³
द्रव्यमान = आयतन × घनत्व = 1 × 13600 = 13600 किग्रा (पारे का घनत्व = 13600 किग्रा/मी³)
2. 50 मीटर गहरे समुद्र की तली पर दाब:
घनत्व (d) = 1.01 × 10³ किग्रा/मी³, g = 10 मी/से², h = 50 मी
दाब = h × d × g = 50 × 1.01 × 10³ × 10 = 5.05 × 10⁵ न्यूटन/मी²
3. जलपंप द्वारा 10 मीटर गहराई से जल निकालना:
h₁ = 76 सेमी = 0.76 मी, d₁ = 13.6 × 10³ किग्रा/मी³, d₂ = 10³ किग्रा/मी³, g = 10 मी/से²
h₁d₁ = h₂d₂ → h₂ = (0.76 × 13.6 × 10³) / 10³ = 10.336 मीटर
4. हाथी द्वारा आरोपित दाब:
भार = 2500 किग्रा, क्षेत्रफल = 0.25 मी²
दाब = भार / क्षेत्रफल = 2500 / 0.25 = 10000 न्यूटन/मी²