जन्तुओं और पौधों में परिवहन

विस्तृत नोट्स

❤️ परिसंचरण और परिवहन की अवधारणा (Concept of Circulation and Transportation)

परिभाषा: परिवहन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पदार्थ जैसे ऑक्सीजन, पोषक तत्व, हार्मोन, CO₂ और अपशिष्ट पदार्थ जीवों के एक भाग से दूसरे भाग तक पहुँचाए जाते हैं। यह जीवन क्रियाओं को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

उदाहरण: रक्त मस्तिष्क को ऑक्सीजन पहुँचाता है तथा गुर्दे रक्त से अपशिष्ट पदार्थ निकालते हैं।

🔄 परिसंचरण (Circulation)

यह वह प्रक्रिया है जिसमें रक्त हृदय, रक्त वाहिनियों और शरीर के विभिन्न अंगों के बीच लगातार प्रवाहित होता है।

  • हृदय रक्त को पंप करता है जिससे शरीर के प्रत्येक भाग को ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
  • यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है और इसे परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) कहा जाता है।
  • उदाहरण: दौड़ते समय हृदय तेजी से धड़कता है ताकि मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिल सके।

🌿 विभिन्न जीवों में परिवहन

  • एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा) में पदार्थों का परिवहन विसरण (Diffusion) द्वारा होता है।
  • बहुकोशिकीय जीवों (जैसे मनुष्य, पौधे) में जटिल परिवहन तंत्र होता है।
  • जन्तुओं में रक्त परिसंचरण द्वारा तथा पौधों में जाइलम और फ्लोएम द्वारा परिवहन होता है।

🌱 परिसंचरण और परिवहन की आवश्यकता (Need for Circulation and Transport)

परिभाषा: जीवों के शरीर के सभी भागों को समान रूप से आवश्यक पदार्थ पहुँचाने और अपशिष्ट हटाने के लिए परिवहन आवश्यक है।

💡 महत्व (Importance)

  • ऑक्सीजन और पोषक तत्व को कोशिकाओं तक पहुँचाना।
    उदाहरण: मांसपेशियों को कार्य करने के लिए ऑक्सीजन और ग्लूकोज की आवश्यकता होती है।
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और अपशिष्ट पदार्थ (जैसे यूरिया) को शरीर से बाहर निकालना।
    उदाहरण: गुर्दे रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के रूप में बाहर निकालते हैं।
  • शरीर के विभिन्न भागों में हार्मोन और एंजाइम पहुँचाना।
  • शरीर का तापमान और आंतरिक संतुलन (Homeostasis) बनाए रखना।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को सहायता — श्वेत रक्त कण रोगाणुओं से रक्षा करते हैं।

🫀 मनुष्य में परिसंचरण तंत्र (Circulatory System in Humans)

परिभाषा: परिसंचरण तंत्र वह प्रणाली है जो हृदय, रक्त, और रक्त वाहिनियों से मिलकर बनी होती है और शरीर में रक्त का परिवहन करती है।

मुख्य घटक (Main Components)

  • हृदय (Heart): यह एक पेशीय अंग है जो रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है।
    • हृदय में चार कक्ष होते हैं – दो आलिंद (Atria) और दो निलय (Ventricles)।
    • हृदय प्रतिदिन लगभग 1 लाख बार धड़कता है और लगभग 7000 लीटर रक्त पंप करता है।
    • उदाहरण: हृदय रक्त को फेफड़ों तक भेजता है ताकि वहाँ गैसों का आदान-प्रदान हो सके।
  • रक्त वाहिनियाँ (Blood Vessels): रक्त के प्रवाह के लिए नलिकाएँ होती हैं।
    • धमनियाँ (Arteries): ऑक्सीजन युक्त रक्त को हृदय से शरीर के अन्य भागों तक ले जाती हैं।
    • शिराएँ (Veins): ऑक्सीजन रहित रक्त को शरीर से हृदय तक वापस लाती हैं।
    • केशिकाएँ (Capillaries): बहुत पतली वाहिकाएँ जो धमनियों और शिराओं को जोड़ती हैं और पदार्थों के आदान-प्रदान की जगह होती हैं।
  • रक्त (Blood): यह परिवहन का माध्यम है।
    • लाल रक्त कण (RBCs): हीमोग्लोबिन की सहायता से ऑक्सीजन पहुँचाते हैं।
    • श्वेत रक्त कण (WBCs): शरीर को रोगों से बचाते हैं।
    • प्लेटलेट्स (Platelets): रक्त के थक्के (Clot) बनाने में सहायता करते हैं।
    • प्लाज्मा (Plasma): रक्त का तरल भाग जो पोषक तत्व, हार्मोन और अपशिष्ट पदार्थों को ले जाता है।

🩸 परिसंचरण के प्रकार (Types of Circulation)

  • फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary Circulation): हृदय से फेफड़ों तक और फिर वापस हृदय तक रक्त का प्रवाह — यह रक्त में ऑक्सीजन भरने के लिए होता है।
  • सामान्य परिसंचरण (Systemic Circulation): ऑक्सीजन युक्त रक्त का हृदय से शरीर के सभी भागों तक और फिर वापसी तक प्रवाह।

🧠 रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • मनुष्य का हृदय एक दिन में लगभग 1,00,000 बार धड़कता है।
  • औसतन 5-6 लीटर रक्त एक वयस्क व्यक्ति के शरीर में होता है।
  • रक्त को शरीर के हर हिस्से तक पहुँचने में लगभग 20 सेकंड का समय लगता है।
  • हृदय एक मिनट में लगभग 5 लीटर रक्त पंप करता है।

🩸 रक्त और इसके घटक (Blood and its Components)

परिभाषा: रक्त एक तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) है जो शरीर के सभी भागों में ऑक्सीजन, पोषक तत्व, हार्मोन, और अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करता है।

उदाहरण: रक्त फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर मांसपेशियों तक पहुँचाता है और वहाँ से कार्बन डाइऑक्साइड वापस फेफड़ों तक लाता है।

1️⃣ लाल रक्त कणिकाएँ (RBC – Red Blood Cells / Erythrocytes)

  • परिभाषा: ये रक्त की सबसे अधिक संख्या वाली कोशिकाएँ हैं, जिनका मुख्य कार्य ऑक्सीजन का परिवहन करना है।
  • संरचना: द्विअवतल (biconcave) आकार की, बिना नाभिक (anucleate), लाल रंग हीमोग्लोबिन के कारण।
  • कार्य: हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन से जुड़कर ऑक्सीहीमोग्लोबिन बनाता है और इसे फेफड़ों से सभी कोशिकाओं तक पहुँचाता है।
  • उत्पत्ति: अस्थि मज्जा (Bone Marrow) में बनती हैं।
  • जीवनकाल: लगभग 120 दिन; इसके बाद प्लीहा (Spleen) में नष्ट हो जाती हैं।
  • संख्या: वयस्क पुरुषों में लगभग 5.2 मिलियन/mm³ और महिलाओं में 4.5 मिलियन/mm³
  • उदाहरण: दौड़ते समय RBC मांसपेशियों तक अधिक ऑक्सीजन पहुँचाते हैं जिससे ऊर्जा मिलती है।

2️⃣ श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC – White Blood Cells / Leucocytes)

  • परिभाषा: WBC शरीर की रक्षा प्रणाली (Immune System) का हिस्सा हैं, जो रोगजनकों से बचाव करते हैं।
  • प्रकार: न्यूट्रोफिल, इयोसिनोफिल, बेसोफिल, मोनोसाइट और लिम्फोसाइट।
  • कार्य: संक्रमण से लड़ना, एंटीबॉडी बनाना, और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करना।
  • उत्पत्ति: अस्थि मज्जा और लिम्फ ग्रंथियों में बनती हैं।
  • संख्या: लगभग 6,000–10,000/mm³ रक्त में पाई जाती हैं। संक्रमण के दौरान इनकी संख्या बढ़ जाती है।
  • उदाहरण: सर्दी या संक्रमण के समय WBC की संख्या बढ़ जाती है क्योंकि शरीर की प्रतिरक्षा सक्रिय हो जाती है।

3️⃣ प्लेटलेट्स (Platelets / Thrombocytes)

  • परिभाषा: प्लेटलेट्स सूक्ष्म कोशिकीय टुकड़े हैं जो रक्त का थक्का (Blood Clot) बनने में सहायक होते हैं।
  • कार्य: चोट लगने पर प्लेटलेट्स एकत्र होकर फाइब्रिन जाल (Fibrin Network) बनाते हैं जिससे रक्तस्राव रुकता है।
  • उत्पत्ति: अस्थि मज्जा की मेगाकैरियोसाइट्स कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं।
  • जीवनकाल: 7–10 दिन।
  • संख्या: लगभग 1.5–3 लाख/mm³ रक्त में।
  • उदाहरण: किसी कट या घाव पर प्लेटलेट्स थक्का बनाकर रक्त बहना रोकते हैं।

4️⃣ प्लाज्मा (Plasma)

  • परिभाषा: रक्त का तरल भाग (Liquid Part) जिसमें सभी रक्त कोशिकाएँ निलंबित रहती हैं।
  • संरचना: लगभग 90% पानी, शेष भाग में प्रोटीन (एल्ब्यूमिन, ग्लोब्यूलिन, फाइब्रिनोजेन), ग्लूकोज, हार्मोन, और अपशिष्ट पदार्थ।
  • कार्य: पोषक तत्वों, एंजाइम, हार्मोन और अपशिष्टों का परिवहन; शरीर का तापमान और pH संतुलन बनाए रखना।
  • उदाहरण: प्लाज्मा यूरिया को गुर्दों तक और ग्लूकोज को मांसपेशियों तक पहुँचाता है।

🧬 रक्त वर्ग (Blood Groups)

परिभाषा: रक्त वर्ग RBC की सतह पर पाए जाने वाले एंटीजन (A, B, Rh) के प्रकार से निर्धारित होते हैं।

  • ABO सिस्टम: चार प्रमुख रक्त वर्ग – A, B, AB, O।
  • Rh सिस्टम: Rh+ (एंटीजन मौजूद) और Rh– (एंटीजन अनुपस्थित)।
  • संगतता:
    • O– : सर्वदाता (Universal Donor)
    • AB+ : सर्वग्राही (Universal Recipient)
  • एंटीबॉडी प्रतिक्रिया: गलत रक्त वर्ग देने पर एंटीबॉडी प्रतिक्रिया कर सकती हैं जिससे रक्त आधान असफल हो सकता है।
  • उदाहरण: A रक्त वर्ग वाले व्यक्ति को केवल A या O वर्ग का रक्त दिया जा सकता है।

🩸 रक्त वाहिनियाँ (Blood Vessels)

परिभाषा: रक्त को हृदय से शरीर के विभिन्न भागों तक और वहाँ से वापस लाने वाली नलिकाएँ रक्त वाहिनियाँ कहलाती हैं।

  • धमनियाँ (Arteries): ऑक्सीजन युक्त रक्त हृदय से शरीर तक ले जाती हैं।
    उदाहरण: महाधमनी (Aorta)।
  • शिराएँ (Veins): ऑक्सीजन रहित रक्त शरीर से हृदय तक लाती हैं।
    उदाहरण: महाशिरा (Vena Cava)।
  • केशिकाएँ (Capillaries): अत्यंत सूक्ष्म वाहिकाएँ जहाँ गैसों, पोषक तत्वों और अपशिष्टों का आदान-प्रदान होता है।

❤️ हृदय और हृदय स्पंदन (Heart and Heartbeat)

  • हृदय एक पेशीय अंग है जिसमें चार कक्ष होते हैं – दो आलिंद (Atria) और दो निलय (Ventricles)।
  • कार्य: हृदय रक्त को निरंतर पंप करके परिसंचरण बनाए रखता है।
  • सामान्य दर: एक स्वस्थ व्यक्ति का हृदय 70–80 बार प्रति मिनट धड़कता है।
  • व्यायाम या तनाव में हृदय गति बढ़ जाती है ताकि अधिक ऑक्सीजन और ऊर्जा प्रदान की जा सके।

🩹 रक्त आधान और ब्लड बैंक (Blood Transfusion and Blood Bank)

  • रक्त आधान (Transfusion): रक्त की कमी या सर्जरी के दौरान रक्त की पूर्ति के लिए किसी अन्य व्यक्ति से रक्त देना।
  • ब्लड बैंक: वह केंद्र जहाँ रक्त को एकत्रित, जाँचा और 4°C पर संग्रहित किया जाता है।
  • सावधानियाँ: रक्त वर्ग का सही मिलान, संक्रमण की जाँच, और स्वच्छ उपकरणों का उपयोग आवश्यक है।
  • उदाहरण: आपात स्थिति में O– रक्त किसी भी व्यक्ति को दिया जा सकता है।

🧠 रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • रक्त का लगभग 55% भाग प्लाज्मा और 45% भाग कोशिकाएँ होती हैं।
  • मनुष्य के शरीर में औसतन 5–6 लीटर रक्त होता है।
  • हृदय प्रतिदिन लगभग 7000 लीटर रक्त पंप करता है।
  • RBC का लाल रंग हीमोग्लोबिन के लौह (Iron) तत्व के कारण होता है।
  • रक्त का pH लगभग 7.4 रहता है, जो थोड़ा क्षारीय होता है।

जन्तुओं में परिसंचरण तंत्र

परिभाषा: जन्तुओं में परिसंचरण तंत्र वह प्रणाली है जो शरीर के विभिन्न भागों तक ऑक्सीजन, पोषक तत्व, हार्मोन और अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करती है। यह तंत्र विभिन्न जन्तुओं में उनकी संरचना, पर्यावरण और जीवनशैली के अनुसार भिन्न होता है। उदाहरण: मछली में एकल परिसंचरण होता है जबकि मानव में द्विक परिसंचरण।

मुख्य अंग:

  • हृदय (Heart): रक्त पंप करने वाला मुख्य अंग।
  • रक्त (Blood): परिवहन का माध्यम।
  • रक्त वाहिनियाँ (Blood Vessels): धमनियाँ, शिराएँ, और केशिकाएँ जो रक्त का प्रवाह नियंत्रित करती हैं।

परिसंचरण के प्रकार

  • 1. एकल परिसंचरण (Single Circulation):
    • रक्त एक बार ही हृदय से होकर पूरे शरीर में प्रवाहित होता है।
    • रक्त फेफड़ों (या गलफड़ों) से ऑक्सीजन लेकर सीधे शरीर के अंगों में पहुँचता है और फिर वापस हृदय में आता है।
    • उदाहरण: मछली, टैडपोल (मेढक का लार्वा)।
    • विशेषता: हृदय में केवल दो कक्ष होते हैं — एक अलिंद और एक निलय।
  • 2. द्विक परिसंचरण (Double Circulation):
    • रक्त दो बार हृदय से होकर गुजरता है — एक बार फेफड़ों तक (फुफ्फुसीय परिसंचरण) और दूसरी बार शरीर तक (प्रणाली परिसंचरण)।
    • यह ऑक्सीजनयुक्त और ऑक्सीजनरहित रक्त को अलग रखता है।
    • उदाहरण: मानव, पक्षी, स्तनधारी।
    • विशेषता: हृदय में चार कक्ष — दो अलिंद और दो निलय।
  • 3. खुला परिसंचरण तंत्र (Open Circulatory System):
    • रक्त वाहिनियों में पूरी तरह सीमित नहीं रहता; यह शरीर की रिक्तियों (sinuses) में बहता है।
    • रक्त सीधे ऊतकों और अंगों के संपर्क में आता है।
    • उदाहरण: कॉकरोच, कीट, झींगा, घोंघा।
    • लाभ: संरचना सरल और कम ऊर्जा खर्च।
    • हानि: नियंत्रण कम और गति धीमी।
  • 4. बंद परिसंचरण तंत्र (Closed Circulatory System):
    • रक्त हमेशा वाहिनियों (धमनियाँ, शिराएँ, केशिकाएँ) में प्रवाहित रहता है।
    • रक्त और ऊतकों के बीच पदार्थों का आदान-प्रदान केवल केशिकाओं के माध्यम से होता है।
    • उदाहरण: मानव, मेंढक, पृथ्वी-कृमि (earthworm), पक्षी।
    • लाभ: नियंत्रण बेहतर, तेज परिवहन, रक्तचाप स्थिर।
    • हानि: संरचना जटिल और ऊर्जा की अधिक आवश्यकता।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • मछली में हृदय दो कक्षीय होता है – एक अलिंद, एक निलय।
  • मेंढक में हृदय तीन कक्षीय होता है – दो अलिंद और एक निलय।
  • मानव और पक्षियों में चार कक्षीय हृदय होता है जिससे ऑक्सीजनयुक्त और ऑक्सीजनरहित रक्त अलग रहता है।
  • कॉकरोच का हृदय लंबा और नलिकाकार होता है जिसमें 13 कक्ष होते हैं।
  • पृथ्वी-कृमि में रक्त लाल होता है क्योंकि उसमें हीमोग्लोबिन प्लाज्मा में घुला होता है।
  • कीटों के रक्त में हीमोग्लोबिन नहीं होता, इसलिए उनका रक्त रंगहीन होता है।

निष्कर्ष: जन्तुओं में परिसंचरण तंत्र उनकी संरचना और आवश्यकताओं के अनुसार विकसित हुआ है — सरल जीवों में खुला या एकल परिसंचरण, जबकि जटिल जन्तुओं में बंद और द्विक परिसंचरण पाया जाता है। यह तंत्र जीवों की ऊर्जा आवश्यकताओं और जीवन शैली के अनुरूप अनुकूलित होता है।

🌿 पौधों में परिवहन (Transport in Plants)

परिभाषा: पौधों में जल, खनिज लवण तथा भोजन का एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया को परिवहन (Transport) कहा जाता है। यह कार्य मुख्यतः दो ऊतकों – जाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem) द्वारा किया जाता है।

1️⃣ जाइलम (Xylem)

  • यह जड़ों से पत्तियों तक पानी और खनिजों का परिवहन करता है।
  • जाइलम की कोशिकाएँ मृत (dead) होती हैं, जिससे इनमें से पानी आसानी से प्रवाहित होता है।
  • यह चार प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बना होता है: ट्रैकिड्स (Tracheids), वेसल्स (Vessels), जाइलम पैरेंकाइमा (Xylem Parenchyma) और जाइलम फाइबर्स (Xylem Fibres)
  • वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) की प्रक्रिया जाइलम में पानी की गति को ऊपर की ओर खींचती है।
  • उदाहरण: जब पेड़ की पत्तियों से जल वाष्प के रूप में बाहर निकलता है, तो जड़ें मिट्टी से नया पानी खींचकर ऊपर भेजती हैं।

2️⃣ फ्लोएम (Phloem)

  • फ्लोएम पौधे की पत्तियों में निर्मित भोजन (ग्लूकोज़ या सुक्रोज़) को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
  • यह कोशिकाएँ जीवित (living) होती हैं।
  • फ्लोएम चार भागों से मिलकर बना होता है: सीव ट्यूब (Sieve Tube), सहायक कोशिकाएँ (Companion Cells), फ्लोएम पैरेंकाइमा और फ्लोएम फाइबर्स
  • स्रोत (Source): पत्तियाँ, जहाँ भोजन बनता है।
  • गंतव्य (Sink): जड़ें, फल, बीज या बढ़ते हुए हिस्से जहाँ भोजन की आवश्यकता होती है।
  • उदाहरण: गन्ने में फ्लोएम द्वारा बनी हुई चीनी पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाई जाती है।

3️⃣ परिवहन की प्रक्रिया

  • जल अवशोषण: जड़ रोम (Root Hairs) मिट्टी से जल और खनिजों को अवशोषित करते हैं।
  • ऊर्ध्वगामी प्रवाह (Ascent of Sap): यह जाइलम द्वारा ऊपर की ओर पत्तियों तक पहुँचाया जाता है।
  • वाष्पोत्सर्जन खिंचाव (Transpiration Pull): जब पत्तियों से जल वाष्प के रूप में बाहर निकलता है, तो जड़ों से ऊपर की ओर जल खिंचता है।
  • भोजन परिवहन (Translocation): फ्लोएम भोजन को द्विदिश (दोनों दिशाओं में) परिवहन कर सकता है – ऊपर और नीचे दोनों।
  • उदाहरण: आलू के पौधे में पत्तियों द्वारा निर्मित स्टार्च जड़ों में संचित होता है।

🌱 पौधों में परिवहन का महत्व

  • पौधे के प्रत्येक भाग को जल, खनिज और पोषक तत्व पहुँचाने में मदद करता है।
  • प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और श्वसन (Respiration) जैसी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक पदार्थों की आपूर्ति करता है।
  • नए ऊतकों के निर्माण और वृद्धि में सहायता करता है।
  • भोजन का वितरण सुनिश्चित करता है, जिससे फल, बीज, और फूल विकसित होते हैं।
  • पौधे के अंदर जल संतुलन (Water Balance) बनाए रखता है।
  • उदाहरण: फ्लोएम द्वारा पोषक तत्व फलों को रसदार बनाते हैं, जैसे आम या केला।

🌾 रोचक तथ्य (Interesting Facts)

  • सबसे तेज़ जल परिवहन करने वाला पौधा मकई (Maize) है, जो प्रति घंटे लगभग 1.5 मीटर तक पानी ऊपर भेज सकता है।
  • गुरुत्वाकर्षण के विपरीत पानी ऊपर जा सकता है क्योंकि वाष्पोत्सर्जन और जाइलम की नलिकाएँ साथ मिलकर खिंचाव पैदा करती हैं।
  • जाइलम और फ्लोएम का समूह संवहनी ऊतक (Vascular Tissue) कहलाता है।
  • पौधों में रक्त नहीं होता, लेकिन जाइलम और फ्लोएम उसी तरह कार्य करते हैं जैसे मनुष्यों में रक्त।

सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

  1. परिवहन पदार्थों को जीवों के विभिन्न भागों तक ले जाता है।
  2. परिसंचरण रक्त द्वारा पदार्थों का परिवहन है।
  3. परिवहन ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए जरूरी है।
  4. मानव में परिसंचरण तंत्र में हृदय, रक्त, और रक्त वाहिनियाँ होती हैं।
  5. हृदय रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है।
  6. रक्त ऑक्सीजन, पोषक तत्व, और अपशिष्ट ले जाता है।
  7. RBC ऑक्सीजन का परिवहन करती हैं।
  8. RBC में हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन से बंधता है।
  9. RBC द्विअवतल और बिना नाभिक होती हैं।
  10. RBC का जीवनकाल 120 दिन होता है।
  11. RBC अस्थि मज्जा में बनते हैं।
  12. WBC रोगजनकों से लड़कर प्रतिरक्षा प्रदान करते हैं।
  13. WBC के प्रकार: न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइट, मोनोसाइट।
  14. WBC अस्थि मज्जा में बनते हैं।
  15. WBC की संख्या संक्रमण में बढ़ती है।
  16. प्लेटलेट्स रक्त का थक्का बनाकर रक्तस्राव रोकते हैं।
  17. प्लेटलेट्स अस्थि मज्जा में मेगाकैरियोसाइट्स से बनते हैं।
  18. प्लेटलेट्स का जीवनकाल 7-10 दिन होता है।
  19. प्लाज्मा रक्त का तरल भाग है, जिसमें 90% पानी होता है।
  20. प्लाज्मा पोषक तत्व, हार्मोन, और अपशिष्ट ले जाता है।
  21. प्लाज्मा में प्रोटीन जैसे एल्ब्यूमिन और ग्लोब्यूलिन होते हैं।
  22. रक्त वर्ग RBC पर एंटीजन के आधार पर निर्धारित होते हैं।
  23. ABO रक्त वर्ग: A, B, AB, O।
  24. Rh सिस्टम: Rh+ या Rh-।
  25. O- सर्वदाता रक्त वर्ग है।
  26. AB+ सर्वग्राही रक्त वर्ग है।
  27. गलत रक्त वर्ग देने पर एंटीबॉडी प्रतिक्रिया करती हैं।
  28. धमनियाँ ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाती हैं।
  29. शिराएँ CO₂ युक्त रक्त हृदय तक लाती हैं।
  30. केशिकाएँ गैस और पोषक तत्वों का आदान-प्रदान करती हैं।
  31. हृदय में चार कक्ष: दो अलिंद, दो निलय।
  32. हृदय स्पंदन सामान्यतः 60-100 बार/मिनट होता है।
  33. व्यायाम से हृदय स्पंदन बढ़ता है।
  34. रक्त आधान रक्त की कमी को पूरा करता है।
  35. ब्लड बैंक रक्त को 4°C पर संग्रहित करते हैं।
  36. रक्त आधान में रक्त वर्ग का मिलान जरूरी है।
  37. मछलियों में एकल परिसंचरण होता है।
  38. मानव में द्विक परिसंचरण होता है।
  39. कॉकरोच में खुला परिसंचरण होता है।
  40. मानव में बंद परिसंचरण होता है।
  41. जाइलम पानी और खनिज जड़ों से पत्तियों तक ले जाता है।
  42. फ्लोएम भोजन को पौधे के अन्य भागों तक ले जाता है।
  43. जड़ें मिट्टी से पानी और खनिज अवशोषित करती हैं।
  44. वाष्पोत्सर्जन जाइलम में पानी की गति बढ़ाता है।
  45. धमनियों में रक्त का दबाव अधिक होता है।
  46. शिराओं में वाल्व रक्त को हृदय तक ले जाते हैं।
  47. केशिकाएँ पतली दीवारों वाली होती हैं।
  48. हृदय का दायाँ भाग CO₂ युक्त रक्त पंप करता है।
  49. हृदय का बायाँ भाग ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करता है।
  50. जाइलम मृत कोशिकाओं से बना होता है।
  51. फ्लोएम जीवित कोशिकाओं से बना होता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. परिवहन का मुख्य कार्य क्या है?





2. RBC का मुख्य कार्य क्या है?





3. RBC में क्या होता है जो ऑक्सीजन से बंधता है?





4. RBC का जीवनकाल कितना होता है?





5. WBC का मुख्य कार्य क्या है?





6. WBC के प्रकार में शामिल है?





7. प्लेटलेट्स का कार्य क्या है?





8. प्लेटलेट्स कहाँ बनते हैं?





9. प्लाज्मा में मुख्य रूप से क्या होता है?





10. प्लाज्मा का कार्य क्या है?





11. रक्त वर्ग का निर्धारण किसके आधार पर होता है?





12. कौन सा रक्त वर्ग सर्वदाता है?





13. AB+ रक्त वर्ग की विशेषता क्या है?





14. गलत रक्त वर्ग देने पर क्या होता है?





15. धमनियाँ क्या ले जाती हैं?





16. शिराएँ क्या करती हैं?





17. केशिकाएँ का कार्य क्या है?





18. हृदय में कितने कक्ष होते हैं?





19. सामान्य हृदय स्पंदन दर कितनी होती है?





20. रक्त आधान का उद्देश्य क्या है?





21. ब्लड बैंक का कार्य क्या है?





22. मछलियों में परिसंचरण तंत्र कैसा होता है?





23. कॉकरोच में परिसंचरण तंत्र कैसा होता है?





24. जाइलम का मुख्य कार्य क्या है?





25. फ्लोएम का कार्य क्या है?





26. वाष्पोत्सर्जन का क्या प्रभाव होता है?





27. हृदय का दायाँ भाग क्या पंप करता है?





28. हृदय का बायाँ भाग क्या पंप करता है?





29. RBC कहाँ बनते हैं?





30. पौधों में जड़ें क्या अवशोषित करती हैं?