1. ऊर्जा (Energy)
ऊर्जा किसी वस्तु या निकाय की कार्य करने की क्षमता है। किसी भी प्रकार का कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऊर्जा भौतिक विज्ञान की एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है।
- भोजन से प्राप्त रासायनिक ऊर्जा का उपयोग हमारा शरीर चलने, दौड़ने और अन्य कार्यों में करता है।
- बिजली के बल्ब में विद्युत ऊर्जा प्रकाश एवं ऊष्मा में बदलती है।
- बहता हुआ पानी टरबाइन को घुमाकर विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करता है।
- पेट्रोल में संग्रहित रासायनिक ऊर्जा वाहन को गति प्रदान करती है।
ऊर्जा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
- ऊर्जा एक अदिश राशि है।
- ऊर्जा का SI मात्रक जूल (Joule) है।
- ऊर्जा का विमीय सूत्र [ML²T⁻²] है।
- ऊर्जा की CGS इकाई अर्ग (Erg) है।
- 1 जूल = 10⁷ अर्ग।
- 1 किलोवाट घंटा = 3.6 × 10⁶ जूल।
- ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक किलोवाट घंटा (kWh) है।
- ऊर्जा को सामान्यतः कार्य करने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है।
2. ऊर्जा के प्रमुख मात्रक (Units of Energy)
| मात्रक | जूल में मान | उपयोग |
|---|---|---|
| जूल (J) | 1 J | SI मात्रक |
| किलोजूल (kJ) | 1000 J | ऊष्मा एवं ऊर्जा |
| मेगाजूल (MJ) | 10⁶ J | बड़ी ऊर्जा मात्रा |
| कैलोरी (cal) | लगभग 4.186 J | ऊष्मा |
| किलो कैलोरी (kcal) | लगभग 4184 J | खाद्य ऊर्जा |
| किलोवाट घंटा (kWh) | 3.6 × 10⁶ J | विद्युत ऊर्जा |
| इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) | 1.602 × 10⁻¹⁹ J | परमाणु एवं नाभिकीय भौतिकी |
| अर्ग (erg) | 10⁻⁷ J | CGS पद्धति |
विशेष परीक्षा तथ्य
- विद्युत मीटर में 1 यूनिट विद्युत = 1 kWh होता है।
- कैलोरी ऊष्मा का मात्रक है।
- इलेक्ट्रॉन वोल्ट परमाणु एवं नाभिकीय स्तर पर ऊर्जा व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- जूल का नाम वैज्ञानिक जेम्स प्रेस्कॉट जूल के सम्मान में रखा गया है।
3. ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy)
ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
किसी पृथक निकाय की कुल ऊर्जा सदैव स्थिर रहती है।
- चरम स्थिति पर स्थितिज ऊर्जा अधिकतम तथा गतिज ऊर्जा शून्य होती है (आदर्श स्थिति में)।
- मध्य स्थिति पर गतिज ऊर्जा अधिकतम तथा स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
- आवागमन के दौरान स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा एक-दूसरे में बदलती रहती हैं।
- आदर्श स्थिति में कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है।
4. ऊर्जा के प्रकार (Forms of Energy)
| ऊर्जा का प्रकार | परिभाषा / उदाहरण |
|---|---|
| यांत्रिक ऊर्जा | गति या स्थिति के कारण प्राप्त ऊर्जा। |
| गतिज ऊर्जा | वस्तु की गति के कारण प्राप्त ऊर्जा। |
| स्थितिज ऊर्जा | स्थिति या विन्यास के कारण संग्रहित ऊर्जा। |
| ऊष्मीय ऊर्जा | पदार्थ के सूक्ष्म कणों की अव्यवस्थित गति से संबंधित ऊर्जा। |
| प्रकाश ऊर्जा | प्रकाश के रूप में स्थानांतरित ऊर्जा। |
| ध्वनि ऊर्जा | माध्यम में उत्पन्न यांत्रिक तरंगों द्वारा स्थानांतरित ऊर्जा। |
| विद्युत ऊर्जा | विद्युत आवेशों एवं विद्युत क्षेत्र से संबंधित ऊर्जा। |
| रासायनिक ऊर्जा | रासायनिक बंधों एवं पदार्थों की रासायनिक अवस्था से संबंधित ऊर्जा। |
| नाभिकीय ऊर्जा | परमाणु नाभिक की संरचना एवं नाभिकीय अभिक्रियाओं से प्राप्त ऊर्जा। |
| चुम्बकीय ऊर्जा | चुम्बकीय क्षेत्र में संग्रहित ऊर्जा। |
5. यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy)
किसी वस्तु की गति अथवा स्थिति के कारण उसमें विद्यमान ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा कहलाती है।
यांत्रिक ऊर्जा = गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा
ME = KE + PE
5.1 स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
किसी वस्तु में उसकी स्थिति, आकार अथवा विन्यास के कारण संग्रहित ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा कहलाती है।
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का सूत्र:
PE = mgh
- m = वस्तु का द्रव्यमान (kg)
- g = गुरुत्वीय त्वरण (लगभग 9.8 m/s²)
- h = संदर्भ स्तर से ऊँचाई (m)
5 kg द्रव्यमान की वस्तु को 10 मीटर की ऊँचाई पर रखा गया है। उसकी स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
दिया गया है:
- m = 5 kg
- h = 10 m
- g = 9.8 m/s²
PE = mgh
PE = 5 × 9.8 × 10
उत्तर = 490 जूल
स्थितिज ऊर्जा के प्रमुख उदाहरण
- बाँध में ऊँचाई पर संग्रहित जल।
- ऊँचाई पर रखी पुस्तक।
- खींची हुई धनुष की प्रत्यंचा।
- दबी या खिंची हुई स्प्रिंग।
- ऊँचाई पर स्थित चट्टान।
5.2 गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
किसी वस्तु में उसकी गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं।
सूत्र:
KE = ½ mv²
- m = वस्तु का द्रव्यमान (kg)
- v = वस्तु का वेग (m/s)
2 kg द्रव्यमान की वस्तु 5 m/s के वेग से चल रही है। उसकी गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
KE = ½ mv²
KE = ½ × 2 × 5²
KE = 25 J
उत्तर = 25 जूल
गतिज ऊर्जा के महत्त्वपूर्ण तथ्य
- गतिज ऊर्जा वस्तु के द्रव्यमान के समानुपाती होती है।
- गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग के समानुपाती होती है।
- वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुना हो जाती है।
- वेग तीन गुना करने पर गतिज ऊर्जा नौ गुना हो जाती है।
- स्थिर वस्तु की गतिज ऊर्जा शून्य होती है।
यदि किसी वस्तु का वेग 10 m/s से बढ़ाकर 20 m/s कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा कितनी गुना हो जाएगी?
KE₂ / KE₁ = (v₂/v₁)²
= (20/10)² = 4
उत्तर = 4 गुना।
6. कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति (Work, Energy and Power)
कार्य (Work)
जब किसी वस्तु पर बल लगाने से उसमें बल की दिशा में विस्थापन होता है, तब कार्य किया जाता है।
सूत्र: W = F × s × cos θ
- W = कार्य (जूल)
- F = बल (न्यूटन)
- s = विस्थापन (मीटर)
- θ = बल और विस्थापन के बीच का कोण
20 न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 5 मीटर विस्थापित करता है।
W = F × s
W = 20 × 5
कार्य = 100 जूल।
कार्य के प्रकार
- धनात्मक कार्य: बल एवं विस्थापन एक ही दिशा में हों।
- ऋणात्मक कार्य: बल एवं विस्थापन विपरीत दिशा में हों।
- शून्य कार्य: विस्थापन शून्य हो अथवा बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों।
उदाहरण: सिर पर बोझ रखकर समतल सड़क पर चलने वाले व्यक्ति द्वारा बोझ पर लगाया गया ऊर्ध्वाधर बल, क्षैतिज विस्थापन के सापेक्ष शून्य कार्य करता है।
शक्ति (Power)
कार्य करने की दर अथवा ऊर्जा स्थानांतरण की दर को शक्ति कहते हैं।
सूत्र: P = W/t = E/t
- SI मात्रक = वाट (Watt)
- 1 किलोवाट = 1000 वाट
- 1 मेगावाट = 10⁶ वाट
- 1 हॉर्स पावर ≈ 746 वाट
एक मशीन 10 सेकंड में 5000 जूल कार्य करती है। मशीन की शक्ति ज्ञात कीजिए।
P = W/t
P = 5000/10
उत्तर = 500 वाट।
7. विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy)
विद्युत धारा द्वारा कार्य करने की क्षमता को विद्युत ऊर्जा कहते हैं। घरों, विद्यालयों, उद्योगों एवं परिवहन में इसका व्यापक उपयोग होता है।
विद्युत ऊर्जा का सूत्र:
E = P × t
विद्युत परिपथ में स्थिर वोल्टेज एवं धारा के लिए:
P = V × I
- V = विभवांतर (वोल्ट)
- I = विद्युत धारा (एम्पियर)
- P = शक्ति (वाट)
- t = समय (सेकंड या घंटा, इकाई के अनुसार)
1000 वाट का हीटर प्रतिदिन 2 घंटे चलाया जाता है। 30 दिनों में कितनी विद्युत ऊर्जा खर्च होगी?
शक्ति = 1000 W = 1 kW
समय = 2 × 30 = 60 घंटे
ऊर्जा = 1 × 60
उत्तर = 60 kWh अर्थात 60 यूनिट।
यदि उपरोक्त हीटर की खपत पर बिजली की दर ₹6 प्रति यूनिट है, तो 30 दिनों का खर्च कितना होगा?
कुल खपत = 60 यूनिट
खर्च = 60 × 6
उत्तर = ₹360 (अन्य शुल्कों से पहले)।
8. ऊर्जा का रूपांतरण (Energy Transformation)
ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में बदलती रहती है। इस प्रक्रिया को ऊर्जा रूपांतरण कहते हैं।
| उपकरण / प्रक्रिया | ऊर्जा रूपांतरण |
|---|---|
| विद्युत बल्ब | विद्युत → प्रकाश + ऊष्मा |
| LED | विद्युत → प्रकाश + ऊष्मा |
| विद्युत पंखा | विद्युत → यांत्रिक + ध्वनि + ऊष्मा |
| विद्युत हीटर | विद्युत → ऊष्मीय |
| विद्युत मोटर | विद्युत → यांत्रिक |
| जनरेटर | यांत्रिक → विद्युत |
| सोलर पैनल | प्रकाश → विद्युत |
| सौर कुकर | सौर विकिरण → ऊष्मा |
| बैटरी का उपयोग | रासायनिक → विद्युत |
| बैटरी चार्जिंग | विद्युत → रासायनिक |
| माइक्रोफोन | ध्वनि → विद्युत |
| लाउडस्पीकर | विद्युत → ध्वनि |
| पवन चक्की | पवन की गतिज → यांत्रिक → विद्युत |
| जलविद्युत संयंत्र | स्थितिज → गतिज → यांत्रिक → विद्युत |
| पेट्रोल इंजन | रासायनिक → ऊष्मीय → यांत्रिक |
| प्रकाश संश्लेषण | प्रकाश → रासायनिक |
| मानव शरीर | भोजन की रासायनिक ऊर्जा → पेशीय एवं ऊष्मीय |
| नाभिकीय विद्युत संयंत्र | नाभिकीय → ऊष्मीय → यांत्रिक → विद्युत |
9. नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Renewable Energy)
वे ऊर्जा स्रोत जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा अपेक्षाकृत कम समय में पुनः उपलब्ध होते रहते हैं, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत कहलाते हैं।
9.1 सौर ऊर्जा (Solar Energy)
सूर्य से प्राप्त प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा को सौर ऊर्जा कहते हैं। सूर्य पृथ्वी पर ऊर्जा का प्रमुख प्राकृतिक स्रोत है।
- सौर फोटोवोल्टिक सेल सूर्य के प्रकाश को सीधे विद्युत ऊर्जा में बदलते हैं।
- सौर तापीय तकनीक सूर्य की ऊर्जा से पानी अथवा अन्य पदार्थ गर्म करती है।
- सौर कुकर, सोलर वाटर हीटर और सोलर स्ट्रीट लाइट इसके उदाहरण हैं।
- सिलिकॉन सोलर सेल में सामान्यतः अर्धचालक तकनीक का उपयोग होता है।
9.2 पवन ऊर्जा (Wind Energy)
वायु की गतिज ऊर्जा को पवन टरबाइन की सहायता से विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है।
- पवन ऊर्जा एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
- पवन टरबाइन का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए होता है।
- पवन ऊर्जा उत्पादन हवा की गति पर निर्भर करता है।
- तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान भारत के प्रमुख पवन ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हैं।
9.3 जलविद्युत ऊर्जा (Hydroelectric Energy)
बहते अथवा ऊँचाई पर संग्रहित जल की ऊर्जा से टरबाइन चलाकर विद्युत उत्पादन किया जाता है।
- जलविद्युत एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
- बड़े बाँधों में जल की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का उपयोग किया जाता है।
- टरबाइन जनरेटर से जुड़ी होती है।
- भाखड़ा-नांगल, टिहरी और सरदार सरोवर प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं के उदाहरण हैं।
9.4 बायोमास ऊर्जा (Biomass Energy)
पौधों, कृषि अवशेषों, लकड़ी, गोबर एवं जैविक अपशिष्टों से प्राप्त ऊर्जा को बायोमास ऊर्जा कहते हैं।
- गोबर गैस में मुख्यतः मीथेन गैस होती है।
- बायोगैस का उपयोग खाना पकाने एवं विद्युत उत्पादन में किया जा सकता है।
- बायोमास से बायोफ्यूल भी बनाया जाता है।
- बायोगैस संयंत्र ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी हैं।
9.5 भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy)
पृथ्वी के आंतरिक भाग में उपस्थित ऊष्मा से प्राप्त ऊर्जा भू-तापीय ऊर्जा कहलाती है।
- इसका उपयोग बिजली उत्पादन और भवनों को गर्म करने में किया जा सकता है।
- भारत में लद्दाख का पूगा क्षेत्र भू-तापीय ऊर्जा की संभावनाओं के लिए जाना जाता है।
9.6 ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy)
समुद्र में ज्वार-भाटा के कारण जल के स्तर एवं प्रवाह में होने वाले परिवर्तन से प्राप्त ऊर्जा ज्वारीय ऊर्जा कहलाती है।
- यह समुद्र की ज्वारीय गतिविधियों पर निर्भर करती है।
- भारत में खंभात की खाड़ी और कच्छ की खाड़ी में ज्वारीय ऊर्जा की संभावनाएँ हैं।
10. अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत (Non-Renewable Energy)
वे ऊर्जा स्रोत जिनके भंडार सीमित होते हैं और जिनका निर्माण प्राकृतिक रूप से अत्यंत लंबे समय में होता है, अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत कहलाते हैं।
| स्रोत | मुख्य विशेषता | उपयोग |
|---|---|---|
| कोयला | जीवाश्म ईंधन, कार्बन प्रधान | ताप विद्युत उत्पादन |
| पेट्रोलियम | तरल जीवाश्म ईंधन | वाहन एवं उद्योग |
| प्राकृतिक गैस | मुख्य घटक मीथेन | बिजली, उर्वरक एवं ईंधन |
| यूरेनियम | नाभिकीय ईंधन | नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन |
जीवाश्म ईंधन से संबंधित तथ्य
- कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जीवाश्म ईंधन हैं।
- इनका निर्माण प्राचीन जैविक पदार्थों से लाखों वर्षों में हुआ है।
- जीवाश्म ईंधन के दहन से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित होती है।
- कोयले के दहन से सल्फर डाइऑक्साइड एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषक भी निकल सकते हैं।
- प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक मीथेन (CH₄) है।
- पेट्रोलियम के विभिन्न उत्पादों को प्रभाजी आसवन द्वारा अलग किया जाता है।
11. नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy)
परमाणु के नाभिक में होने वाले परिवर्तन से प्राप्त ऊर्जा नाभिकीय ऊर्जा कहलाती है।
आइंस्टीन के द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध के अनुसार:
E = mc²
- E = ऊर्जा
- m = द्रव्यमान
- c = प्रकाश का वेग (लगभग 3 × 10⁸ m/s)
नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission)
जब कोई भारी परमाणु नाभिक छोटे नाभिकों में टूटता है और ऊर्जा मुक्त होती है, तो इस प्रक्रिया को नाभिकीय विखंडन कहते हैं।
उदाहरण: यूरेनियम-235 का विखंडन।
नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion)
जब दो हल्के परमाणु नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक बनाते हैं और ऊर्जा मुक्त होती है, तो इसे नाभिकीय संलयन कहते हैं।
उदाहरण: सूर्य में हाइड्रोजन नाभिकों से हीलियम का निर्माण।
विखंडन एवं संलयन में अंतर
- विखंडन में भारी नाभिक टूटता है।
- संलयन में हल्के नाभिक जुड़ते हैं।
- वर्तमान वाणिज्यिक नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में मुख्यतः विखंडन का उपयोग होता है।
- सूर्य एवं तारों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत नाभिकीय संलयन है।
- दोनों प्रक्रियाओं में द्रव्यमान के कुछ भाग का ऊर्जा में परिवर्तन होता है।
12. भारत में ऊर्जा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) नवीकरणीय ऊर्जा के विकास से संबंधित प्रमुख मंत्रालय है।
- NTPC भारत की प्रमुख विद्युत उत्पादन कंपनियों में से एक है।
- NHPC मुख्य रूप से जलविद्युत क्षेत्र में कार्य करती है।
- SECI (Solar Energy Corporation of India) सौर एवं अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने में भूमिका निभाती है।
- भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) मुंबई में स्थित है।
- NPCIL भारत में नाभिकीय विद्युत संयंत्रों के संचालन एवं विकास से संबंधित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।
- कुडनकुलम परमाणु विद्युत परियोजना तमिलनाडु में स्थित है।
- तारापुर परमाणु विद्युत केंद्र महाराष्ट्र में स्थित है।
- नरौरा परमाणु विद्युत केंद्र उत्तर प्रदेश में स्थित है।
- काकरापार परमाणु विद्युत केंद्र गुजरात में स्थित है।
13. ऊर्जा दक्षता एवं ऊर्जा संरक्षण
ऊर्जा दक्षता का अर्थ है कम ऊर्जा का उपयोग करके समान कार्य करना। ऊर्जा संरक्षण का उद्देश्य ऊर्जा की अनावश्यक खपत को कम करना है।
- LED बल्ब का उपयोग करना।
- ऊर्जा दक्ष उपकरणों को प्राथमिकता देना।
- अनावश्यक विद्युत उपकरण बंद रखना।
- सार्वजनिक परिवहन एवं साइकिल का उपयोग बढ़ाना।
- सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाना।
100 वाट के पारंपरिक बल्ब के स्थान पर 10 वाट की LED का उपयोग किया जाता है। दोनों को प्रतिदिन 10 घंटे चलाने पर एक वर्ष में कितनी ऊर्जा बचेगी?
शक्ति का अंतर = 100 - 10 = 90 W = 0.09 kW
वार्षिक समय = 10 × 365 = 3650 घंटे
बचत = 0.09 × 3650
उत्तर = 328.5 kWh अर्थात 328.5 यूनिट प्रतिवर्ष।
14. ऊर्जा दक्षता एवं दक्षता (Efficiency)
किसी उपकरण द्वारा प्राप्त उपयोगी ऊर्जा और उसे दी गई कुल ऊर्जा के अनुपात को दक्षता कहते हैं।
दक्षता = (उपयोगी ऊर्जा आउटपुट / कुल ऊर्जा इनपुट) × 100
किसी मशीन को 1000 जूल ऊर्जा दी जाती है और वह 800 जूल उपयोगी कार्य करती है। उसकी दक्षता ज्ञात कीजिए।
दक्षता = (800/1000) × 100
उत्तर = 80%।
शेष 20% ऊर्जा अन्य रूपों, जैसे ऊष्मा एवं ध्वनि, में स्थानांतरित हो सकती है।
15. ऊर्जा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्य
- सूर्य पृथ्वी पर अधिकांश प्राकृतिक ऊर्जा का मूल स्रोत है।
- पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं।
- खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा का प्रवाह मुख्यतः एकदिशीय होता है।
- पारिस्थितिकी में सामान्यतः 10% नियम के अनुसार एक पोषण स्तर की ऊर्जा का लगभग 10% अगले पोषण स्तर तक पहुँचता है।
- ध्वनि ऊर्जा के संचरण के लिए भौतिक माध्यम आवश्यक है।
- प्रकाश निर्वात में भी संचरित हो सकता है।
- घर्षण के कारण यांत्रिक ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मीय ऊर्जा में बदल जाता है।
- विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
- जनरेटर विद्युत चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक गणना किलोवाट घंटा में की जाती है।
- ऊर्जा का पूर्ण रूपांतरण उपयोगी कार्य में सामान्यतः संभव नहीं होता; कुछ ऊर्जा आसपास के वातावरण में फैल जाती है।
16. महत्वपूर्ण सूत्र (Important Formulae)
| भौतिक राशि | सूत्र |
|---|---|
| गतिज ऊर्जा | KE = ½ mv² |
| स्थितिज ऊर्जा | PE = mgh |
| यांत्रिक ऊर्जा | ME = KE + PE |
| कार्य | W = Fs cos θ |
| शक्ति | P = W/t |
| विद्युत शक्ति | P = VI |
| विद्युत ऊर्जा | E = Pt |
| दक्षता | (उपयोगी आउटपुट / इनपुट) × 100 |
| द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध | E = mc² |
| स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा | PE = ½ kx² |
परीक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण तथ्य
- ऊर्जा का SI मात्रक — जूल।
- शक्ति का SI मात्रक — वाट।
- कार्य का SI मात्रक — जूल।
- ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक — किलोवाट घंटा।
- 1 kWh — 3.6 × 10⁶ जूल।
- गतिज ऊर्जा — ½ mv²।
- स्थितिज ऊर्जा — mgh।
- सूर्य की ऊर्जा का स्रोत — नाभिकीय संलयन।
- परमाणु ऊर्जा संयंत्र — मुख्यतः नाभिकीय विखंडन।
- सोलर सेल — प्रकाश ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा।
- जनरेटर — यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा।
- मोटर — विद्युत ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा।
- प्राकृतिक गैस का प्रमुख घटक — मीथेन।
- भोजन में ऊर्जा — कैलोरी या किलो कैलोरी में व्यक्त की जाती है।