ध्वनि

विस्तृत नोट्स

ध्वनि एवं इसके प्रकार

ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो किसी वस्तु के कम्पन से पैदा होती है। यह यांत्रिक तरंग है जो माध्यम (हवा, पानी, ठोस) के कणों को कम्पित करके आगे बढ़ती है। ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग (longitudinal wave) होती है जिसमें कण संपीड़न (compression) और विरलन (rarefaction) बनाते हैं।

  • प्रकार:
    • श्रव्य ध्वनि (Audible Sound): 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक की आवृत्ति। मनुष्य इसे सुन सकता है।
      उदाहरण: बातचीत (300–3400 Hz), संगीत, घंटी।
      तथ्य: बच्चों की सुनने की सीमा 30 kHz तक हो सकती है, बूढ़ों में घटकर 12 kHz तक रह जाती है।
    • इन्फ्रासोनिक ध्वनि (Infrasound): < 20 Hz। मनुष्य नहीं सुन सकता, लेकिन महसूस कर सकता है।
      उदाहरण: भूकंप, ज्वालामुखी, हाथी-व्हेल की कॉल (5–15 Hz), हवा का तेज बहना।
      उपयोग: भूकंप की पूर्व चेतावनी, जानवरों का संचार।
    • अल्ट्रासोनिक ध्वनि (Ultrasound): > 20 kHz।
      उदाहरण: चमगादड़ (40–100 kHz), डॉल्फिन (120 kHz), अल्ट्रासाउंड मशीन।
      उपयोग: गर्भावस्था स्कैन, किडनी स्टोन तोड़ना, धातु की दरार जांचना, कीट भगाने वाले उपकरण।
  • महत्व:
    • संचार: भाषा, फोन, रेडियो
    • चेतावनी: सायरन, अलार्म
    • मनोरंजन: संगीत, फिल्में
    • चिकित्सा: अल्ट्रासाउंड, सोनोग्राफी
    • औद्योगिक: सफाई, वेल्डिंग, सोनार
  • महत्वपूर्ण तथ्य:
    • ध्वनि निर्वात में नहीं चलती (अंतरिक्ष में कोई आवाज नहीं)।
    • ध्वनि प्रकाश से धीमी है (प्रकाश: 3×10⁸ m/s, ध्वनि: 343 m/s) → बिजली पहले दिखती है, गड़गड़ाहट बाद में सुनाई देती है।

कम्पन करती वस्तु से ध्वनि की उत्पत्ति एवं इसकी तीव्रता

जब कोई वस्तु कम्पन करती है, तो वह आसपास के माध्यम में दबाव तरंगें बनाती है। ये तरंगें हमारे कानों तक पहुँचकर ध्वनि बनती हैं।

  • उत्पत्ति:
    • कम्पन → हवा में संपीड़न और विरलन → अनुदैर्ध्य तरंग।
    • उदाहरण: गिटार की तार, ड्रम की झिल्ली, स्वरयंत्र (vocal cords)।
  • तीव्रता (Intensity):
    • कम्पन की ऊर्जा और आयाम पर निर्भर।
    • जितना जोर से कम्पन, उतनी तेज ध्वनि।
    • माप: डेसिबल (dB) – लॉगरिदमिक स्केल।
  • डेसिबल स्तर (महत्वपूर्ण उदाहरण):
    ध्वनिdB
    सुनने की सीमा0 dB
    फुसफुसाहट20 dB
    सामान्य बातचीत60 dB
    ट्रैफिक80 dB
    रॉक कॉन्सर्ट110–120 dB
    जेट टेकऑफ140 dB
    दर्द की सीमा130 dB
  • तथ्य:
    • हर 10 dB बढ़ने पर तीव्रता 10 गुना बढ़ती है।
    • 85 dB से ऊपर लंबे समय तक रहने से श्रवण हानि हो सकती है।

कम्पन का आयाम, आवर्तकाल और आवृत्ति

  • आयाम (Amplitude): कम्पन का अधिकतम विस्थापन।
    प्रभाव: तेज ध्वनि (loudness)।
    उदाहरण: ड्रम को जोर से मारने पर बड़ा आयाम → तेज आवाज।
  • आवर्तकाल (Time Period, T): एक कम्पन पूरा करने का समय (सेकंड में)।
    उदाहरण: पेंडुलम का एक चक्कर = 2 सेकंड → T = 2 s।
  • आवृत्ति (Frequency, f): प्रति सेकंड कम्पनों की संख्या (Hz में)।
    प्रभाव: तीखी या भारी ध्वनि (pitch)।
    उदाहरण: 'A' नोट = 440 Hz (सितार/गिटार)।
  • संबंध: f = 1/T
    उदाहरण: T = 0.002 s → f = 500 Hz।
  • ध्वनि की तीन विशेषताएँ:
    • तीव्रता (Loudness) → आयाम
    • पिच (Pitch) → आवृत्ति
    • गुणवत्ता (Timbre) → हार्मोनिक्स (वाद्ययंत्र की पहचान)

ध्वनि का संचरण (ठोस, द्रव, गैसीय माध्यम)

ध्वनि को चलने के लिए माध्यम चाहिए। कण जितने पास, ध्वनि उतनी तेज चलती है।

  • ठोस: कण बहुत पास → सबसे तेज।
    उदाहरण: रेल की पटरियाँ (5200 m/s) – ट्रेन दूर से सुनाई देती है।
  • द्रव: कण मध्यम दूरी → मध्यम गति।
    उदाहरण: पानी में व्हेल की आवाज (1480 m/s)।
  • गैस: कण दूर → सबसे धीमा।
    उदाहरण: हवा में बात करना (343 m/s)।
  • निर्वात: कोई कण नहीं → ध्वनि नहीं चलती।
    उदाहरण: अंतरिक्ष में "कोई आवाज नहीं"।

ध्वनि की चाल

ध्वनि की गति माध्यम, तापमान और घनत्व पर निर्भर करती है।

माध्यमचाल (m/s)उदाहरण
हवा (0°C)331सर्दी में धीमी
हवा (20°C)343सामान्य
हवा (40°C)355गर्मी में तेज
पानी (20°C)1480पूल में आवाज
लकड़ी3800–4000दीवार से आवाज
इस्पात5200रेल पटरियाँ
हीरा12000सबसे तेज

प्रभाव: तापमान बढ़ने पर हवा में चाल बढ़ती है (लगभग 0.6 m/s प्रति °C)।

ध्वनि का परावर्तन – प्रतिध्वनि और गुंज

ध्वनि किसी कठोर सतह से टकराकर वापस लौटती है – इसे परावर्तन कहते हैं।

  • प्रतिध्वनि (Echo):
    • स्पष्ट परावर्तित ध्वनि।
    • दूरी ≥ 17 मीटर (हवा में, 0.1 सेकंड का अंतर)।
    • उदाहरण: पहाड़ों में "हैलो" → "हैलो" वापस सुनाई देना।
  • गुंज (Reverberation):
    • कई बार परावर्तन → ध्वनि लंबी चलती है।
    • उदाहरण: खाली हॉल में ताली बजाने पर लंबी गूंज।
  • उपयोग:
    • सोनार (SONAR): समुद्र की गहराई, पनडुब्बी का पता।
    • सभागार डिज़ाइन: ध्वनि स्पष्ट हो, गूंज कम हो।
    • अल्ट्रासाउंड: चिकित्सा में।

मनुष्य द्वारा उत्पन्न की गई ध्वनियाँ

  • स्वरयंत्र (Voice Box / Larynx):
    • दो वोकल कॉर्ड्स (स्वर रज्जु) हवा से कम्पित होती हैं।
    • पुरुष: लंबी कॉर्ड्स → भारी आवाज (85–180 Hz)।
    • महिला: छोटी कॉर्ड्स → पतली आवाज (165–255 Hz)।
  • संगीत वाद्ययंत्र:
    • तार वाले: गिटार, सितार (कम्पन तार)
    • वायु वाले: बांसुरी, शहनाई (हवा का कम्पन)
    • झिल्ली वाले: ढोल, तबला (झिल्ली का कम्पन)

सुनने और बोलने की प्रक्रिया

  • बोलने की प्रक्रिया:
    1. फेफड़े → हवा बाहर निकलती है
    2. स्वरयंत्र → वोकल कॉर्ड्स कम्पित
    3. मुँह, जीभ, होंठ → शब्द बनते हैं
  • सुनने की प्रक्रिया:
    1. बाहरी कान (Pinna) → ध्वनि एकत्र
    2. कान की नली → कर्णपटह (eardrum) तक
    3. कर्णपटह → कम्पित
    4. मध्य कान: 3 हड्डियाँ (हथौड़ा, निहाई, रकाब) → कम्पन बढ़ाती हैं
    5. आंतरिक कान (Cochlea) → तरल में तरंग → बाल कोशिकाएँ → विद्युत सिग्नल
    6. श्रवण तंत्रिका → मस्तिष्क → ध्वनि समझ में आती है

शोर – हानिकारक प्रभाव और नियंत्रण

अवांछित या अत्यधिक तीव्र ध्वनि को शोर कहते हैं।

  • हानिकारक प्रभाव:
    • श्रवण हानि (85 dB से ऊपर लंबे समय तक)
    • तनाव, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी
    • उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, सिरदर्द
    • बच्चों में सीखने की क्षमता कम होना
  • नियंत्रण के उपाय:
    • ध्वनिरोधी सामग्री: फोम, कालीन, पर्दे
    • इयरप्लग, इयरमफ्स
    • शांत क्षेत्र: अस्पताल, लाइब्रेरी, स्कूल जोन
    • कानून: रात में हॉर्न बजाना प्रतिबंधित
    • वृक्षारोपण: पेड़ ध्वनि अवशोषित करते हैं
  • सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

    1. ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो कम्पन से उत्पन्न होती है।
    2. ध्वनि माध्यम के कणों के कम्पन के रूप में संचरित होती है।
    3. घंटी की आवाज़ ध्वनि का एक सामान्य उदाहरण है।
    4. श्रव्य ध्वनि की आवृत्ति 20 Hz से 20,000 Hz के बीच होती है।
    5. मानव भाषण और संगीत श्रव्य ध्वनि के उदाहरण हैं।
    6. अश्रव्य ध्वनि मानव कान द्वारा नहीं सुनी जा सकती।
    7. चमगादड़ अश्रव्य अल्ट्रासोनिक ध्वनि उत्पन्न करते हैं।
    8. अल्ट्रासोनिक ध्वनि की आवृत्ति 20,000 Hz से अधिक होती है।
    9. अल्ट्रासाउंड चिकित्सा में अल्ट्रासोनिक ध्वनि का उपयोग होता है।
    10. ध्वनि संचार, चेतावनी और मनोरंजन के लिए महत्वपूर्ण है।
    11. सायरन की आवाज खतरे की सूचना देती है।
    12. ध्वनि किसी वस्तु के कम्पन से उत्पन्न होती है।
    13. गिटार की तार का कम्पन ध्वनि पैदा करता है।
    14. कम्पन करती वस्तु आसपास के कणों में दबाव तरंगें उत्पन्न करती है।
    15. ड्रम की झिल्ली का कम्पन ध्वनि की उत्पत्ति का उदाहरण है।
    16. ध्वनि की तीव्रता कम्पन की अधिकता और ऊर्जा पर निर्भर करती है।
    17. जोर से ड्रम बजाने पर तेज ध्वनि उत्पन्न होती है।
    18. ध्वनि की तीव्रता डेसिबल (dB) में मापी जाती है।
    19. फुसफुसाहट की ध्वनि लगभग 20 dB होती है।
    20. रॉक कॉन्सर्ट की ध्वनि लगभग 120 dB हो सकती है।
    21. आयाम कम्पन के अधिकतम विस्थापन को कहते हैं।
    22. गिटार की तार का अधिक हिलना आयाम बढ़ाता है।
    23. आवर्तकाल एक कम्पन पूरा करने में लगने वाला समय है।
    24. पेंडुलम का एक चक्कर आवर्तकाल का उदाहरण है।
    25. आवृत्ति प्रति सेकंड कम्पनों की संख्या है।
    26. आवृत्ति हर्ट्ज (Hz) में मापी जाती है।
    27. 'A' नोट की ध्वनि की आवृत्ति 440 Hz होती है।
    28. आवृत्ति और आवर्तकाल एक-दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती होते हैं।
    29. आवृत्ति = 1 / आवर्तकाल।
    30. 2 सेकंड के आवर्तकाल की आवृत्ति 0.5 Hz होगी।
    31. अधिक आयाम से ध्वनि की तीव्रता बढ़ती है।
    32. अधिक आवृत्ति से ध्वनि की पिच (स्वर) तीखी होती है।
    33. बांसुरी से तीखी ध्वनि उच्च आवृत्ति के कारण निकलती है।
    34. ध्वनि तरंगों के माध्यम से कणों के कम्पन द्वारा संचरित होती है।
    35. दीवार के माध्यम से पड़ोसी की आवाज सुनना ध्वनि संचरण है।
    36. ठोस में कण निकट होते हैं, इसलिए ध्वनि तेजी से संचरित होती है।
    37. रेल पटरियों पर ट्रेन की आवाज ठोस माध्यम में संचरण का उदाहरण है।
    38. द्रव में ध्वनि मध्यम गति से संचरित होती है।
    39. पानी में व्हेल की आवाज द्रव माध्यम में संचरण दर्शाती है।
    40. गैसीय माध्यम में कण दूर होते हैं, इसलिए ध्वनि धीमी गति से चलती है।
    41. हवा में चिल्लाने की आवाज गैसीय माध्यम में संचरण है।
    42. निर्वात में ध्वनि संचरित नहीं हो सकती।
    43. अंतरिक्ष में कोई आवाज नहीं सुनाई देती क्योंकि वहाँ निर्वात है।
    44. ध्वनि की चाल माध्यम के प्रकार और तापमान पर निर्भर करती है।
    45. 20°C हवा में ध्वनि की चाल लगभग 343 मीटर प्रति सेकंड होती है।
    46. बिजली की गड़गड़ाहट हवा में ध्वनि की चाल दर्शाती है।
    47. पानी में ध्वनि की चाल लगभग 1480 m/s होती है।
    48. पानी में तैरते समय आवाज तेजी से सुनाई देती है।
    49. इस्पात में ध्वनि की चाल लगभग 5200 m/s होती है।
    50. रेल पटरियों पर ध्वनि तेजी से चलती है।
    51. तापमान बढ़ने पर हवा में ध्वनि की चाल बढ़ जाती है।
    52. गर्मी के दिनों में हवा में ध्वनि तेज सुनाई देती है।
    53. ध्वनि का परावर्तन तब होता है जब तरंगें किसी सतह से टकराकर लौटती हैं।
    54. गुफा में चिल्लाने पर आवाज का वापस आना परावर्तन है।
    55. प्रतिध्वनि स्पष्ट रूप से सुनाई देने वाली परावर्तित ध्वनि है।
    56. प्रतिध्वनि सुनने के लिए सतह कम से कम 17 मीटर दूर होनी चाहिए।
    57. पहाड़ों में "हैलो" की गूंज प्रतिध्वनि का उदाहरण है।
    58. गुंज कई बार परावर्तित ध्वनि के मिश्रण से बनती है।
    59. बड़े हॉल में ध्वनि का गूंजना गुंज का उदाहरण है।
    60. सोनार प्रणाली ध्वनि के परावर्तन के सिद्धांत पर काम करती है।
    61. सोनार का उपयोग समुद्र की गहराई मापने के लिए किया जाता है।
    62. सभागारों के डिजाइन में ध्वनि परावर्तन को ध्यान में रखा जाता है।
    63. मनुष्य स्वरयंत्र द्वारा ध्वनि उत्पन्न करता है।
    64. गाना गाना या बोलना मानव द्वारा ध्वनि उत्पन्न करने का उदाहरण है।
    65. स्वरयंत्र में वोकल कॉर्ड्स के कम्पन से ध्वनि बनती है।
    66. बोलना और चिल्लाना स्वरयंत्र द्वारा ध्वनि उत्पत्ति के उदाहरण हैं।
    67. यंत्रों द्वारा भी ध्वनि उत्पन्न की जा सकती है।
    68. तबला, पियानो और बाँसुरी संगीतमय ध्वनि उत्पन्न करते हैं।
    69. सुनने की प्रक्रिया में कान ध्वनि तरंगों को ग्रहण करते हैं।
    70. घंटी की आवाज सुनना सुनने की प्रक्रिया का उदाहरण है।
    71. सुनने की प्रक्रिया बाहरी कान से शुरू होकर मस्तिष्क तक पहुँचती है।
    72. ध्वनि बाहरी कान → कर्णपटह → मध्य कान → आंतरिक कान → मस्तिष्क के पथ का अनुसरण करती है।
    73. रेडियो की आवाज सुनना सुनने की पूरी प्रक्रिया को दर्शाता है।
    74. बोलने की प्रक्रिया में फेफड़े, स्वरयंत्र और मुख शामिल होते हैं।
    75. भाषण देना बोलने की प्रक्रिया का एक जटिल उदाहरण है।
    76. बोलने के लिए फेफड़े → स्वरयंत्र → मुख से होकर ध्वनि निकलती है।
    77. "हाय" बोलना बोलने की एक सरल प्रक्रिया है।
    78. अवांछित या अत्यधिक तीव्र ध्वनि को शोर कहा जाता है।
    79. ट्रैफिक की आवाज शोर का एक सामान्य उदाहरण है।
    80. शोर से श्रवण हानि हो सकती है।
    81. तेज संगीत या हॉर्न सुनने से सुनने की क्षमता कम हो सकती है।
    82. शोर तनाव और नींद में बाधा का कारण बन सकता है।
    83. लगातार ट्रैफिक शोर से नींद में खलल पड़ सकती है।
    84. शोर से स्वास्थ्य समस्याएं जैसे उच्च रक्तचाप हो सकता है।
    85. शोर सिरदर्द और हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकता है।
    86. ध्वनिरोधी सामग्री का उपयोग करके शोर को नियंत्रित किया जा सकता है।
    87. दीवारों पर फोम या साउंडप्रूफिंग लगाना शोर नियंत्रण का उपाय है।
    88. कान के प्लग और इयरफोन शोर से बचाव में मदद करते हैं।
    89. तेज ध्वनि वाले वातावरण में इयरप्लग का उपयोग फायदेमंद है।
    90. शांत क्षेत्र बनाकर शोर प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है।
    91. अस्पतालों और लाइब्रेरी में साइलेंस जोन बनाए जाते हैं।
    92. ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सामाजिक जागरूकता आवश्यक है।
    93. शोर रहित उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
    94. पेड़-पौधे प्राकृतिक रूप से शोर को अवशोषित करते हैं।
    95. हरित पट्टी लगाना शोर नियंत्रण का एक प्राकृतिक तरीका है।
    96. कारखानों और उद्योगों में शोर नियंत्रण उपाय अनिवार्य होने चाहिए।
    97. नगर नियोजन में शोर नियंत्रण को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
    98. वाहनों के हॉर्न के अनावश्यक उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
    99. शोर नियंत्रण व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर जरूरी है।

    बहुविकल्पीय प्रश्न

    1. ध्वनि क्या है?





    2. ध्वनि का एक प्रकार क्या है?





    3. ध्वनि कैसे उत्पन्न होती है?





    4. ध्वनि की तीव्रता किस पर निर्भर करती है?





    5. आयाम क्या है?





    6. आवृत्ति की इकाई क्या है?





    7. ध्वनि का संचरण किस माध्यम में नहीं होता?





    8. ध्वनि की चाल किस माध्यम में सबसे तेज है?





    9. प्रतिध्वनि क्या है?





    10. गुंज का कारण क्या है?





    11. मनुष्य द्वारा उत्पन्न ध्वनि का उदाहरण क्या है?





    12. सुनने की प्रक्रिया में सबसे पहले ध्वनि कहाँ पहुँचती है?





    13. शोर का एक हानिकारक प्रभाव क्या है?





    14. ध्वनि की चाल हवा में कितनी होती है (20°C पर)?





    15. ध्वनि की तीव्रता की इकाई क्या है?





    16. अल्ट्रासोनिक ध्वनि की आवृत्ति कितनी होती है?





    17. प्रतिध्वनि के लिए सतह कितनी दूर होनी चाहिए?





    18. बोलने में कौन सा अंग महत्वपूर्ण है?





    19. शोर को नियंत्रित करने का एक उपाय क्या है?





    20. ध्वनि की चाल पानी में कितनी होती है?





    21. आवर्तकाल का संबंध किससे है?





    22. अल्ट्रासोनिक ध्वनि का उपयोग कहाँ होता है?





    23. ध्वनि तरंगें किस प्रकार की होती हैं?





    24. शोर का उदाहरण क्या है?





    25. ध्वनि की चाल को प्रभावित करने वाला कारक क्या है?





    26. सोनार किस सिद्धांत पर काम करता है?





    27. उच्च आवृत्ति से कैसी ध्वनि उत्पन्न होती है?





    28. कर्णपटह का कार्य क्या है?





    29. शोर से होने वाली स्वास्थ्य समस्या क्या है?





    30. ध्वनि की तीव्रता बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?