भोजन, स्वास्थ्य और रोग

विस्तृत नोट्स

भोजन की आवश्यकता

भोजन वह पदार्थ है जो जीवित प्राणियों को ऊर्जा, विकास, शरीर की मरम्मत और रोग प्रतिरोधक शक्ति प्रदान करता है। यह शरीर की क्रियाओं को संतुलित रखता है और जीवन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उदाहरण: चावल और रोटी शरीर को ऊर्जा देते हैं, जबकि दूध विकास में सहायक होता है।

  • महत्व: भोजन शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण, और जल जैसे पोषक तत्व प्रदान करता है जो शरीर की वृद्धि, ऊर्ज़ा उत्पादन और रोग प्रतिरोध में सहायक हैं। उदाहरण: दाल और दूध प्रोटीन प्रदान करते हैं जो शरीर की कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं।
  • प्रकार: भोजन को मुख्यतः तीन प्रकारों में बाँटा गया है — ऊर्जा प्रदान करने वाले (अनाज, आलू), शरीर निर्माण करने वाले (दाल, अंडा), और शरीर को स्वस्थ रखने वाले (फल, सब्जियाँ)। उदाहरण: केला ऊर्जा देता है, जबकि पालक विटामिन और आयरन प्रदान करता है।

भोजन के परिरक्षण की आवश्यकता

भोजन को लंबे समय तक ताज़ा, सुरक्षित और उपभोग योग्य बनाए रखने की प्रक्रिया को परिरक्षण कहा जाता है। इससे भोजन में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रुक जाती है और वह खराब नहीं होता। उदाहरण: आम का अचार, जैम, और दूध का पाउडर बनाकर लंबे समय तक रखा जा सकता है।

  • महत्व: परिरक्षण से भोजन की बर्बादी रुकती है, पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं, और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है। यह प्राकृतिक आपदाओं या यात्रा के समय उपयोगी होता है। उदाहरण: दूध को उबालकर या रेफ्रिजरेटर में रखने से वह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
  • लाभ: परिरक्षण से मौसमी खाद्य पदार्थ पूरे वर्ष उपलब्ध रहते हैं, और आर्थिक रूप से भी लाभ होता है क्योंकि भोजन खराब नहीं होता। उदाहरण: सूखे मेवे (काजू, बादाम) सालभर उपयोगी रहते हैं और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

भोजन का खराब होना

जब भोजन का स्वाद, गंध, रंग या पोषक तत्व सूक्ष्मजीवों, नमी या तापमान के प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं, तो उसे भोजन का खराब होना कहते हैं। उदाहरण: रोटी या फलों पर फफूंद लगना भोजन के खराब होने का संकेत है।

  • कारण: बैक्टीरिया, कवक (फफूंद), नमी, हवा, और उच्च तापमान भोजन को सड़ने-गलने का कारण बनते हैं। उदाहरण: गर्मी में दूध जल्दी फट जाता है क्योंकि उसमें जीवाणु तेजी से बढ़ते हैं।
  • लक्षण: रंग में परिवर्तन, दुर्गंध, स्वाद में बदलाव, और गैस का बनना भोजन के खराब होने के मुख्य संकेत हैं। उदाहरण: सड़ा हुआ फल बदबूदार हो जाता है और उसका स्वाद खट्टा हो जाता है।

रोडेन्ट, कीट-पतंगों, और बैक्टीरिया से बचाव

भोजन को चूहों, कीटों, और बैक्टीरिया से सुरक्षित रखने के लिए किए जाने वाले उपायों को भोजन सुरक्षा उपाय कहते हैं। यह स्वच्छता और उचित भंडारण पर आधारित होता है। उदाहरण: अनाज को धूप में सुखाकर और नीम की पत्तियाँ रखकर कीटों से बचाया जाता है।

  • रोडेन्ट: चूहे और गिलहरियाँ अनाज और भोजन को कुतरते हैं जिससे हानि होती है। उपाय: चूहेदानी, अल्ट्रासोनिक उपकरण, और सुरक्षित डिब्बों का उपयोग। उदाहरण: अनाज भंडार में धातु के कंटेनर रखना।
  • कीट-पतंगे: मक्खियाँ, मच्छर, और तिलचट्टे भोजन को दूषित करते हैं और रोग फैलाते हैं। उपाय: भोजन को ढककर रखना, नियमित सफाई, और कीटनाशक छिड़काव। उदाहरण: मक्खियों से बचने के लिए जालीदार ढक्कन का प्रयोग।
  • बैक्टीरिया: सूक्ष्मजीव भोजन में वृद्धि कर रोग उत्पन्न करते हैं जैसे फूड पॉइज़निंग। उपाय: भोजन को सही तापमान पर रखना, उबालना, और साफ-सफाई बनाए रखना। उदाहरण: पानी को उबालकर पीना और बचे हुए भोजन को फ्रिज में रखना।

परिरक्षण की विधियाँ

भोजन को खराब होने से बचाने की तकनीकें। उदाहरण: मछली को सुखाकर संरक्षित करना।

विधि विवरण उदाहरण
सुखाना नमी हटाना सूखे मेवे
ठंडा करना कम तापमान पर रखना दूध को फ्रिज में रखना
कैनिंग हवा बंद डिब्बों में सील करना जैम की कैन
पाश्चुरीकरण गर्म करके बैक्टीरिया नष्ट करना पाश्चुरीकृत दूध
अचार बनाना नमक और तेल का उपयोग आम का अचार

महत्व: भोजन की उपलब्धता बढ़ाता है। उदाहरण: सर्दियों में सूखी सब्जियाँ।

दूषित भोजन से होने वाले रोग

परिभाषा: जब भोजन या पेय जल बैक्टीरिया, विषाणु, फफूंद या रासायनिक पदार्थों से दूषित हो जाता है, तो उसे खाने से स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। उदाहरण: सड़ा या बासी भोजन खाने से उल्टी और दस्त हो सकते हैं।

  • रोग: खाद्य विषाक्तता, पेचिश, हैजा, टायफाइड। उदाहरण: दूषित पानी या खुले में रखे भोजन से हैजा या पेचिश।
  • लक्षण: उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार, निर्जलीकरण। उदाहरण: पेचिश में रक्तयुक्त दस्त और कमजोरी।
  • रोकथाम: भोजन को ढककर रखना, पानी उबालकर पीना, बासी भोजन से बचना। उदाहरण: हमेशा ताजा और स्वच्छ भोजन ग्रहण करें।

संचारी रोग

परिभाषा: वे रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति या जन्तु से मनुष्य तक फैलते हैं, संचारी रोग कहलाते हैं। उदाहरण: डेंगू मच्छरों के काटने से फैलता है।

  • माध्यम: वायु, जल, भोजन, कीट, या संक्रमित व्यक्ति का संपर्क। उदाहरण: खसरा और कोविड-19 हवा से फैलते हैं, जबकि हैजा दूषित पानी से।
  • रोकथाम: टीकाकरण, स्वच्छता, मच्छरदानी का उपयोग, संक्रमित व्यक्ति से दूरी। उदाहरण: मास्क पहनने से कोविड-19 का प्रसार रुकता है।

असंचारी रोग

परिभाषा: वे रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते और मुख्यतः आनुवंशिक, जीवनशैली या पर्यावरणीय कारणों से होते हैं। उदाहरण: मधुमेह, उच्च रक्तचाप।

  • कारण: असंतुलित आहार, मोटापा, तनाव, नशे की आदत, या आनुवंशिकी। उदाहरण: मोटापा और उच्च रक्तचाप से हृदय रोग का खतरा।
  • रोकथाम: संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण। उदाहरण: योग और ध्यान से मधुमेह नियंत्रण में रहता है।

संक्रामक रोग और महामारी

परिभाषा: संक्रामक रोग सूक्ष्मजीवों (विषाणु, जीवाणु, कवक, प्रोटोजोआ) से फैलते हैं, जबकि जब ये रोग बहुत बड़े क्षेत्र या जनसंख्या में तेजी से फैलते हैं, तो उन्हें महामारी कहा जाता है। उदाहरण: कोविड-19 एक वैश्विक महामारी थी।

  • संक्रामक रोग: डेंगू, मलेरिया, हैजा, प्लेग। उदाहरण: मच्छरों से जापानी मस्तिष्क ज्वर फैलता है।
  • महामारी: किसी क्षेत्र, देश या विश्वभर में रोग का तीव्र प्रसार। उदाहरण: 1918 का स्पैनिश फ्लू, कोविड-19 महामारी।
  • रोकथाम: टीकाकरण, साफ-सफाई, कीटनाशक छिड़काव, संक्रमित लोगों को अलग रखना। उदाहरण: मच्छरदानी से डेंगू की रोकथाम।

विशिष्ट संक्रामक रोग

डेंगू (हड्डी तोड़ बुखार)

  • कारक: डेंगू वायरस, एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है।
  • लक्षण: अचानक तेज बुखार (5–7 दिन), सिर, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, थकान।
  • रोकथाम: मच्छरदानी, पानी इकट्ठा न होने देना, फुल स्लीव कपड़े, चिकित्सक से सलाह।
  • उदाहरण: मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग डेंगू की रोकथाम करता है।

चिकनगुनिया

  • कारक: आर्बोवायरस, एडीज इजिप्टी मच्छर द्वारा फैलता है।
  • लक्षण: तेज बुखार, जोड़ों में अत्यधिक दर्द, त्वचा पर लाल दाने, कमजोरी।
  • रोकथाम: मच्छरदानी, कीटनाशक, पानी जमा न होने देना।
  • उदाहरण: पानी की टंकियों को ढककर रखना चिकनगुनिया रोकता है।

पेचिश (डायरिया / डाइसेन्ट्री)

  • कारक: एंटअमीबा हिस्टोलिटिका (प्रोटोजोआ), जीवाणु, दूषित भोजन या मक्खियों द्वारा फैलता है।
  • लक्षण: बार-बार दस्त, ऐंठन, कमजोरी, तरल मल, कभी-कभी रक्त स्राव।
  • रोकथाम: पानी उबालकर पीना, साफ-सफाई, भोजन ढककर रखना, मक्खियों से बचाव।
  • उदाहरण: उबला हुआ पानी पीने से पेचिश से बचाव।

प्लेग

  • कारक: यर्सिनिया पेस्टिस जीवाणु, पिस्सू या चूहों के माध्यम से।
  • लक्षण: तेज ज्वर, सूजी हुई लसीका ग्रंथियाँ, कमजोरी, कभी-कभी मृत्यु।
  • रोकथाम: चूहों का नियंत्रण, घरों में सफाई, संक्रमित जानवरों से दूरी।
  • उदाहरण: चूहेदानी और सफाई से प्लेग की रोकथाम।

हैजा (Cholera)

  • कारक: विब्रियो कॉलेरी जीवाणु, दूषित जल या भोजन से संक्रमण।
  • लक्षण: बार-बार पतले सफेद दस्त, निर्जलीकरण, प्यास, कमजोरी।
  • रोकथाम: पानी उबालना, भोजन ढकना, हैजा का टीका लगवाना, नमक-चीनी का घोल।
  • उदाहरण: क्लोरीनयुक्त पानी पीना हैजा से बचाता है।

जापानी मस्तिष्क ज्वर (Acute Encephalitis Syndrome)

  • कारक: जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस, मच्छरों के काटने से।
  • लक्षण: तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, झटके, बेहोशी, तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव।
  • रोकथाम: मच्छर नियंत्रण, टीकाकरण, साफ-सफाई, चिकित्सकीय उपचार।
  • उदाहरण: मच्छरदानी और कीटनाशक उपयोग से बचाव।

कोविड-19 (COVID-19)

  • कारक: कोरोना वायरस (SARS-CoV-2), संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, छींक या खाँसी से फैलता है।
  • लक्षण: बुखार, खाँसी, थकान, गंध/स्वाद की कमी, साँस लेने में कठिनाई।
  • रोकथाम: मास्क पहनना, हाथ धोना, सामाजिक दूरी, टीकाकरण।
  • उदाहरण: मास्क और सेनिटाइजर का उपयोग कोविड संक्रमण से बचाता है।

सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

  1. भोजन जीवन के लिए ऊर्जा, विकास और रोग प्रतिरोधक शक्ति प्रदान करता है।
  2. चावल और रोटी शरीर को ऊर्जा देने वाले प्रमुख भोजन हैं।
  3. दूध शरीर के विकास में सहायक होता है।
  4. भोजन शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज देता है।
  5. दाल और दूध प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं जो कोशिका निर्माण में मदद करते हैं।
  6. भोजन को मुख्यतः ऊर्जादायक, शरीर निर्माण करने वाले और स्वस्थ रखने वाले में बांटा गया है।
  7. केला ऊर्जा प्रदान करने वाला फल है।
  8. पालक विटामिन और आयरन का स्रोत है।
  9. भोजन का परिरक्षण उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।
  10. आम का अचार और जैम परिरक्षण के उदाहरण हैं।
  11. दूध को पाउडर बनाकर भी संरक्षित किया जा सकता है।
  12. परिरक्षण से भोजन की बर्बादी रोकी जा सकती है।
  13. परिरक्षण प्राकृतिक आपदाओं के समय उपयोगी साबित होता है।
  14. दूध को उबालकर या फ्रिज में रखकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
  15. सूखे मेवे जैसे काजू और बादाम परिरक्षण के उदाहरण हैं।
  16. भोजन के खराब होने से उसके स्वाद, गंध और रंग में बदलाव आता है।
  17. रोटी या फलों पर फफूंद लगना भोजन के खराब होने का संकेत है।
  18. बैक्टीरिया और कवक भोजन को खराब करने के मुख्य कारण हैं।
  19. नमी और उच्च तापमान भोजन को जल्दी खराब करते हैं।
  20. गर्मी में दूध जल्दी फट जाता है क्योंकि जीवाणु तेजी से बढ़ते हैं।
  21. रंग में परिवर्तन और दुर्गंध भोजन के खराब होने के लक्षण हैं।
  22. सड़ा हुआ फल बदबूदार और खट्टा स्वाद वाला हो जाता है।
  23. भोजन को चूहों और कीटों से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं।
  24. अनाज को धूप में सुखाकर और नीम की पत्तियाँ रखकर कीटों से बचाया जा सकता है।
  25. चूहे अनाज को कुतरकर नुकसान पहुंचाते हैं।
  26. चूहेदानी और धातु के कंटेनर रोडेंट नियंत्रण में मददगार हैं।
  27. मक्खियाँ और तिलचट्टे भोजन को दूषित करके रोग फैलाते हैं।
  28. भोजन को ढककर रखना और नियमित सफाई कीटों से बचाव के उपाय हैं।
  29. मक्खियों से बचने के लिए जालीदार ढक्कन का प्रयोग किया जाता है।
  30. बैक्टीरिया भोजन में वृद्धि करके फूड पॉइज़निंग जैसे रोग पैदा करते हैं।
  31. भोजन को सही तापमान पर रखना और उबालना बैक्टीरिया से बचाव के तरीके हैं।
  32. बचे हुए भोजन को फ्रिज में रखना चाहिए।
  33. पानी को उबालकर पीने से बैक्टीरिया नष्ट होते हैं।
  34. सुखाना भोजन को संरक्षित करने की एक विधि है।
  35. सूखे मेवे सुखाने की विधि के उदाहरण हैं।
  36. ठंडा करना भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का तरीका है।
  37. दूध को फ्रिज में रखकर ठंडा किया जाता है।
  38. कैनिंग भोजन को हवा बंद डिब्बों में सील करके रखने की विधि है।
  39. जैम को कैनिंग द्वारा संरक्षित किया जाता है।
  40. पाश्चुरीकरण में भोजन को गर्म करके बैक्टीरिया नष्ट किए जाते हैं।
  41. पाश्चुरीकृत दूध इस प्रक्रिया का एक उदाहरण है।
  42. अचार बनाने में नमक और तेल का उपयोग किया जाता है।
  43. आम का अचार नमक और तेल से संरक्षित किया जाता है।
  44. परिरक्षण से भोजन की उपलब्धता बढ़ती है।
  45. सर्दियों में सूखी सब्जियाँ परिरक्षण का लाभ दर्शाती हैं।
  46. दूषित भोजन खाने से स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
  47. सड़ा या बासी भोजन खाने से उल्टी और दस्त हो सकते हैं।
  48. खाद्य विषाक्तता दूषित भोजन से होने वाला एक रोग है।
  49. दूषित पानी या भोजन से हैजा या पेचिश हो सकता है।
  50. उल्टी, दस्त और पेट दर्द दूषित भोजन के लक्षण हैं।
  51. पेचिश में रक्तयुक्त दस्त और कमजोरी हो सकती है।
  52. भोजन को ढककर रखना और पानी उबालकर पीना रोगों की रोकथाम है।
  53. ताजा और स्वच्छ भोजन ग्रहण करना चाहिए।
  54. संचारी रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं।
  55. डेंगू मच्छरों के काटने से फैलने वाला संचारी रोग है।
  56. वायु, जल और भोजन संचारी रोग फैलाने के माध्यम हैं।
  57. खसरा और कोविड-19 हवा के माध्यम से फैलते हैं।
  58. हैजा दूषित पानी से फैलने वाला रोग है।
  59. टीकाकरण और स्वच्छता संचारी रोगों की रोकथाम के उपाय हैं।
  60. मास्क पहनने से कोविड-19 जैसे रोगों का प्रसार रुकता है।
  61. असंचारी रोग एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते।
  62. मधुमेह और उच्च रक्तचाप असंचारी रोगों के उदाहरण हैं।
  63. असंतुलित आहार और मोटापा असंचारी रोगों के कारण हैं।
  64. मोटापा हृदय रोग के खतरे को बढ़ाता है।
  65. संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम असंचारी रोगों की रोकथाम करते हैं।
  66. योग और ध्यान मधुमेह को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
  67. संक्रामक रोग सूक्ष्मजीवों जैसे विषाणु और जीवाणु से फैलते हैं।
  68. जब कोई रोग बड़े पैमाने पर फैलता है तो उसे महामारी कहते हैं।
  69. कोविड-19 एक वैश्विक महामारी थी।
  70. डेंगू, मलेरिया और हैजा संक्रामक रोग हैं।
  71. मच्छर जापानी मस्तिष्क ज्वर फैलाते हैं।
  72. 1918 का स्पैनिश फ्लू एक प्रसिद्ध महामारी थी।
  73. टीकाकरण और साफ-सफाई संक्रामक रोगों की रोकथाम के तरीके हैं।
  74. मच्छरदानी का उपयोग डेंगू जैसे रोगों से बचाता है।
  75. डेंगू वायरस एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है।
  76. डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार और जोड़ों में दर्द शामिल है।
  77. त्वचा पर लाल चकत्ते डेंगू का एक लक्षण हो सकता है।
  78. मच्छरदानी और फुल स्लीव कपड़े डेंगू से बचाव में मदद करते हैं।
  79. मच्छर भगाने वाली क्रीम डेंगू की रोकथाम करती है।
  80. चिकनगुनिया आर्बोवायरस के कारण होता है।
  81. चिकनगुनिया एडीज इजिप्टी मच्छर द्वारा फैलता है।
  82. जोड़ों में अत्यधिक दर्द चिकनगुनिया का प्रमुख लक्षण है।
  83. पानी की टंकियों को ढककर रखना चिकनगुनिया रोकता है।
  84. पेचिश एंटअमीबा हिस्टोलिटिका नामक प्रोटोजोआ से होता है।
  85. दूषित भोजन या मक्खियाँ पेचिश फैलाने का कारण बनती हैं।
  86. बार-बार दस्त और ऐंठन पेचिश के लक्षण हैं।
  87. उबला हुआ पानी पीने से पेचिश से बचाव होता है।
  88. प्लेग यर्सिनिया पेस्टिस जीवाणु के कारण होता है।
  89. पिस्सू या चूहे प्लेग फैलाने का माध्यम हैं।
  90. तेज ज्वर और सूजी हुई लसीका ग्रंथियाँ प्लेग के लक्षण हैं।
  91. चूहों का नियंत्रण और घरों में सफाई प्लेग की रोकथाम है।
  92. चूहेदानी प्लेग की रोकथाम में सहायक है।
  93. हैजा विब्रियो कॉलेरी जीवाणु से फैलता है।
  94. दूषित जल या भोजन हैजा फैलाते हैं।
  95. बार-बार पतले सफेद दस्त हैजा का लक्षण है।
  96. निर्जलीकरण हैजा का एक गंभीर परिणाम है।
  97. पानी उबालना और भोजन ढकना हैजा से बचाव के उपाय हैं।
  98. हैजा का टीका लगवाना चाहिए।
  99. नमक-चीनी का घोल हैजा में निर्जलीकरण रोकता है।
  100. क्लोरीनयुक्त पानी पीना हैजा से बचाता है।
  101. जापानी मस्तिष्क ज्वर एक वायरल बीमारी है।
  102. जापानी एन्सेफलाइटिस वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है।
  103. तेज बुखार, सिर दर्द और उल्टी इस रोग के लक्षण हैं।
  104. झटके और बेहोशी इस रोग के गंभीर लक्षण हैं।
  105. मच्छर नियंत्रण और टीकाकरण इस रोग की रोकथाम के तरीके हैं।
  106. मच्छरदानी और कीटनाशक जापानी मस्तिष्क ज्वर से बचाव करते हैं।
  107. कोविड-19 कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) के कारण होता है।
  108. कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, छींक या खाँसी से फैलता है।
  109. बुखार, खाँसी और थकान कोविड-19 के सामान्य लक्षण हैं।
  110. गंध या स्वाद की कमी कोविड-19 का एक विशेष लक्षण था।
  111. साँस लेने में कठिनाई कोविड-19 का गंभीर लक्षण है।
  112. मास्क पहनना, हाथ धोना और सामाजिक दूरी कोविड-19 की रोकथाम के उपाय हैं।
  113. टीकाकरण कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।
  114. मास्क और सेनिटाइजर का उपयोग कोविड संक्रमण से बचाता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. भोजन में प्रोटीन की कमी से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?





2. भोजन के परिरक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?





3. भोजन के खराब होने का एक प्रमुख लक्षण क्या है?





4. चूहों से भोजन की सुरक्षा के लिए क्या उपाय प्रभावी है?





5. मक्खियों से भोजन को दूषित होने से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?





6. पाश्चुरीकरण प्रक्रिया में तापमान नियंत्रण क्यों महत्वपूर्ण है?





7. कैनिंग प्रक्रिया भोजन को कैसे संरक्षित करती है?





8. अचार बनाना भोजन संरक्षण की कौन सी विधि है?





9. दूषित भोजन से होने वाला एक प्रमुख रोग क्या है?





10. संचारी रोग का प्रसार कैसे होता है?





11. असंचारी रोग का एक प्रमुख कारण क्या है?





12. डेंगू का कारक क्या है?





13. चिकनगुनिया का एक विशिष्ट लक्षण क्या है?





14. पेचिश का प्राथमिक कारक क्या है?





15. हैजा का प्रसार कैसे होता है?





16. कोविड-19 का एक प्रमुख लक्षण क्या है?





17. जापानी मस्तिष्क ज्वर का कारक क्या है?





18. प्लेग का प्रसार कैसे होता है?





19. भोजन संरक्षण में ठंडा करने की प्रक्रिया कैसे काम करती है?





20. खाद्य विषाक्तता का एक प्रमुख लक्षण क्या है?





21. डेंगू से बचाव के लिए क्या उपाय सबसे प्रभावी है?





22. संक्रामक रोग और असंचारी रोग में क्या अंतर है?





23. भोजन संरक्षण में सुखाने का सिद्धांत क्या है?





24. कोविड-19 का प्रसार कैसे होता है?





25. हैजा का एक विशिष्ट लक्षण क्या है?





26. मधुमेह के लिए सबसे प्रभावी रोकथाम उपाय क्या है?





27. भोजन में विटामिन की भूमिका क्या है?





28. चिकनगुनिया का वाहक क्या है?





29. पेचिश से बचाव के लिए सबसे प्रभावी उपाय क्या है?





30. संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए टीकाकरण का सिद्धांत क्या है?





31. भोजन में बैक्टीरिया के विकास को रोकने के लिए नमक का उपयोग कैसे प्रभावी है?





32. महामारी का एक उदाहरण क्या है?