3. भारत में खनिज सम्पदा

विस्तृत नोट्स

खनिज पदार्थ प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक ठोस पदार्थ हैं जिनका निश्चित रासायनिक संरचना और भौतिक गुण होते हैं। उदाहरण: लौह अयस्क, कोयला।

खनिज भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे उद्योगों, ऊर्जा उत्पादन, और बुनियादी ढांचे के लिए कच्चा माल प्रदान करते हैं।

1. अयस्क

अयस्क वह खनिज है जिसमें धातु की मात्रा इतनी होती है कि उसे आर्थिक रूप से निकालना संभव हो। उदाहरण: लौह अयस्क से लोहा, बक्साइट से एल्यूमिनियम।

महत्त्व: अयस्क धातु उद्योगों के लिए आवश्यक हैं।

2. खनिज पदार्थों के प्रकार

खनिज पदार्थों को उनके गुणों के आधार पर दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • धात्विक खनिज: ये खनिज धातुओं को प्रदान करते हैं और चमकदार होते हैं। उदाहरण: लौह अयस्क, बक्साइट, मैंगनीज, अभ्रक।
  • अधात्विक खनिज: ये खनिज धातु नहीं प्रदान करते और गैर-चमकदार होते हैं। उदाहरण: चूना पत्थर, जिप्सम, नमक।

3. प्रमुख धात्विक खनिज पदार्थ

भारत में प्रमुख धात्विक खनिज, उनके प्राप्ति स्थान, और आर्थिक महत्व निम्न तालिका में दिए गए हैं:

खनिजप्रमुख प्राप्ति स्थानआर्थिक महत्व
लौह अयस्कछत्तीसगढ़ (बस्तर, दुर्ग), ओडिशा (मयूरभंज), झारखंड (सिंहभूम)इस्पात उद्योग, मशीनरी, निर्माण सामग्री।
बक्साइटओडिशा (कलाहांडी), झारखंड (रांची), गुजरात (जामनगर)एल्यूमिनियम उत्पादन, हल्के वाहन, पैकेजिंग।
मैंगनीजमध्य प्रदेश (बालाघाट), महाराष्ट्र (नागपुर), ओडिशा (सुंदरगढ़)इस्पात को मजबूती, बैटरी निर्माण।
अभ्रकझारखंड (हजारीबाग), बिहार (गया), आंध्र प्रदेश (नेल्लोर)विद्युत इन्सुलेशन, पेंट, सौंदर्य प्रसाधन।

4. प्रमुख अधात्विक खनिज पदार्थ

भारत में प्रमुख अधात्विक खनिज, उनके प्राप्ति स्थान, और आर्थिक महत्व निम्न तालिका में दिए गए हैं:

खनिजप्रमुख प्राप्ति स्थानआर्थिक महत्व
चूना पत्थरराजस्थान (जोधपुर), मध्य प्रदेश (कटनी), आंध्र प्रदेश (कुर्नूल)सीमेंट, चूना, निर्माण सामग्री।
जिप्समराजस्थान (बीकानेर), तमिलनाडु (तिरुचिरापल्ली)प्लास्टर ऑफ पेरिस, सीमेंट, उर्वरक।
नमक (रॉक सॉल्ट)हिमाचल प्रदेश (मंडी), गुजरात (कच्छ)खाद्य, रासायनिक उद्योग।
डोलोमाइटमध्य प्रदेश (जबलपुर), छत्तीसगढ़ (रायपुर)इस्पात, सीमेंट, कांच उद्योग।

सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

  1. खनिज पदार्थ प्राकृतिक अकार्बनिक ठोस पदार्थ हैं।
  2. अयस्क वह खनिज है जिसमें धातु निकालना आर्थिक रूप से संभव हो।
  3. खनिज दो प्रकार के होते हैं: धात्विक और अधात्विक।
  4. धात्विक खनिज धातु प्रदान करते हैं।
  5. अधात्विक खनिज धातु नहीं प्रदान करते।
  6. लौह अयस्क भारत का प्रमुख धात्विक खनिज है।
  7. लौह अयस्क छत्तीसगढ़ में पाया जाता है।
  8. लौह अयस्क इस्पात उद्योग में उपयोगी है।
  9. बक्साइट से एल्यूमिनियम प्राप्त होता है।
  10. बक्साइट ओडिशा में प्रचुर मात्रा में है।
  11. बक्साइट का उपयोग पैकेजिंग में होता है।
  12. मैंगनीज मध्य प्रदेश में पाया जाता है।
  13. मैंगनीज इस्पात को मजबूती देता है।
  14. अभ्रक झारखंड में प्रचुर है।
  15. अभ्रक विद्युत इन्सुलेशन में उपयोगी है।
  16. चूना पत्थर राजस्थान में पाया जाता है।
  17. चूना पत्थर सीमेंट निर्माण में उपयोगी है।
  18. जिप्सम राजस्थान में बीकानेर में मिलता है।
  19. जिप्सम से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनता है।
  20. नमक गुजरात में कच्छ में पाया जाता है।
  21. नमक खाद्य उद्योग में उपयोगी है।
  22. डोलोमाइट मध्य प्रदेश में मिलता है।
  23. डोलोमाइट कांच उद्योग में उपयोगी है।
  24. लौह अयस्क ओडिशा के मयूरभंज में मिलता है।
  25. बक्साइट गुजरात के जामनगर में पाया जाता है।
  26. मैंगनीज महाराष्ट्र के नागपुर में मिलता है।
  27. अभ्रक आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में पाया जाता है।
  28. चूना पत्थर मध्य प्रदेश के कटनी में मिलता है।
  29. जिप्सम तमिलनाडु में पाया जाता है।
  30. नमक हिमाचल प्रदेश के मंडी में मिलता है।
  31. डोलोमाइट छत्तीसगढ़ में पाया जाता है।
  32. लौह अयस्क निर्माण सामग्री में उपयोगी है।
  33. बक्साइट हल्के वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है।
  34. मैंगनीज बैटरी निर्माण में उपयोगी है।
  35. अभ्रक सौंदर्य प्रसाधनों में उपयोगी है।
  36. चूना पत्थर चूना उत्पादन में उपयोगी है।
  37. जिप्सम उर्वरक निर्माण में उपयोगी है।
  38. नमक रासायनिक उद्योग में उपयोगी है।
  39. डोलोमाइट इस्पात उद्योग में उपयोगी है।
  40. खनिज भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  41. लौह अयस्क झारखंड के सिंहभूम में मिलता है।
  42. बक्साइट झारखंड के रांची में पाया जाता है।
  43. मैंगनीज ओडिशा के सुंदरगढ़ में मिलता है।
  44. अभ्रक बिहार के गया में पाया जाता है।
  45. चूना पत्थर आंध्र प्रदेश के कुर्नूल में मिलता है।
  46. खनिज उद्योगों के लिए कच्चा माल प्रदान करते हैं।
  47. धात्विक खनिज चमकदार होते हैं।
  48. अधात्विक खनिज गैर-चमकदार होते हैं।
  49. लौह अयस्क मशीनरी निर्माण में उपयोगी है।
  50. खनिज ऊर्जा उत्पादन में योगदान देते हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. खनिज पदार्थ क्या हैं?





2. अयस्क क्या है?





3. धात्विक खनिज का उदाहरण क्या है?





4. अधात्विक खनिज का उदाहरण क्या है?





5. लौह अयस्क का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





6. बक्साइट से क्या प्राप्त होता है?





7. मैंगनीज का उपयोग किसमें होता है?





8. अभ्रक का उपयोग किसमें होता है?





9. चूना पत्थर का उपयोग किसमें होता है?





10. जिप्सम का उपयोग किसमें होता है?





11. लौह अयस्क का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





12. बक्साइट का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





13. मैंगनीज का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





14. अभ्रक का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





15. चूना पत्थर का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





16. जिप्सम का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





17. नमक का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





18. डोलोमाइट का उपयोग किसमें होता है?





19. लौह अयस्क का उपयोग किसमें होता है?





20. बक्साइट का उपयोग किसमें होता है?





21. मैंगनीज का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





22. अभ्रक का उपयोग किसमें होता है?





23. चूना पत्थर का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





24. जिप्सम का उपयोग किसमें होता है?





25. नमक का उपयोग किसमें होता है?





26. डोलोमाइट का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





27. लौह अयस्क का उपयोग किसमें होता है?





28. बक्साइट का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?





29. मैंगनीज का उपयोग किसमें होता है?





30. अभ्रक का प्रमुख प्राप्ति स्थान कौन सा है?