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सवाना प्रदेश (Savanna Region)
1. सवाना प्रदेश का परिचय
- सवाना प्रदेश उष्ण कटिबंधीय घासभूमि का विस्तृत क्षेत्र है।
- यह प्रदेश विषुवतीय वर्षावन और मरुस्थल के बीच पाया जाता है।
- सवाना प्रदेश मुख्यतः अफ्रीका महाद्वीप में विस्तृत है।
- यहाँ घास प्रमुख वनस्पति है तथा वृक्ष विरल होते हैं।
2. भौगोलिक विस्तार (विश्व में)
- अफ्रीका में सबसे विस्तृत सवाना प्रदेश पाया जाता है।
- दक्षिण अमेरिका में ब्राज़ील का ल्लानोस क्षेत्र सवाना का उदाहरण है।
- ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी भाग में सवाना घासभूमि मिलती है।
- एशिया में भारत के कुछ भागों में सवाना जैसी वनस्पति मिलती है।
3. जलवायु (Climate of Savanna)
- सवाना प्रदेश की जलवायु उष्ण एवं मौसमी होती है।
- यहाँ ग्रीष्म ऋतु गर्म और आर्द्र होती है।
- शीत ऋतु शुष्क और अपेक्षाकृत ठंडी होती है।
- वर्षा मुख्यतः ग्रीष्म ऋतु में होती है।
- औसत वार्षिक वर्षा 50 से 150 सेमी के बीच होती है।
4. प्राकृतिक वनस्पति
- लंबी घासें सवाना प्रदेश की मुख्य वनस्पति हैं।
- घासों के बीच विरल वृक्ष पाए जाते हैं।
- अकासिया और बाओबाब प्रमुख वृक्ष हैं।
- वृक्षों की जड़ें गहरी होती हैं।
- पत्तियाँ छोटी या काँटेदार होती हैं ताकि जल की हानि कम हो।
5. प्रमुख जीव-जंतु
- सवाना प्रदेश को वन्यजीवों का प्रदेश कहा जाता है।
- शेर, चीता और तेंदुआ प्रमुख मांसाहारी जीव हैं।
- हाथी, जिराफ, ज़ेब्रा और हिरण शाकाहारी जीव हैं।
- यहाँ पशुओं का विशाल झुंड पाया जाता है।
6. मानव जीवन एवं आर्थिक गतिविधियाँ
- सवाना प्रदेश में जनसंख्या घनत्व कम होता है।
- यहाँ पशुपालन प्रमुख व्यवसाय है।
- घासभूमि पशुओं के चरागाह के रूप में उपयोग होती है।
- कुछ क्षेत्रों में झूम कृषि या स्थानांतरण कृषि की जाती है।
7. कृषि एवं फसलें
- मक्का, बाजरा और ज्वार प्रमुख फसलें हैं।
- कपास और मूँगफली भी उगाई जाती हैं।
- वर्षा पर आधारित कृषि प्रमुख है।
8. सवाना प्रदेश से संबंधित परीक्षा के अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य
- सवाना प्रदेश को उष्ण कटिबंधीय घासभूमि कहा जाता है।
- यहाँ वर्षा मौसमी होती है, वर्ष भर नहीं।
- घास ऊँची होती है जबकि वृक्ष कम होते हैं।
- अफ्रीका का सवाना विश्व का सबसे बड़ा सवाना क्षेत्र है।
- यह प्रदेश वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)
- सवाना प्रदेश: उष्ण कटिबंध में घासभूमि और छितरे वृक्षों वाला क्षेत्र।
- जलवायु: सवाना में गर्म और मौसमी वर्षा वाली जलवायु।
- सवाना जलवायु 10°-30° अक्षांश में पाई जाती है।
- औसत तापमान 20°C-30°C रहता है।
- वार्षिक वर्षा 500-1000 मिमी होती है।
- सवाना में गर्मी और वर्षा के दो मौसम होते हैं।
- शुष्क मौसम 6-8 महीने तक रहता है।
- अफ्रीका में सवाना जलवायु सबसे व्यापक है।
- सवाना जलवायु मानसून से प्रभावित होती है।
- सवाना में मिट्टी कम उपजाऊ होती है।
- सवाना में लंबी घास (1-3 मीटर) प्रमुख है।
- बबूल और बाओबाब सवाना के मुख्य वृक्ष हैं।
- सवाना में वनस्पति शुष्क मौसम में सूख जाती है।
- घासभूमि प्राकृतिक आग से प्रभावित होती है।
- सवाना वनस्पति पशुपालन के लिए उपयुक्त है।
- सवाना में शेर प्रमुख शिकारी है।
- हाथी सवाना का सबसे बड़ा जानवर है।
- जिराफ सवाना का सबसे ऊँचा जानवर है।
- चीता सवाना का सबसे तेज जानवर है।
- सवाना में जेब्रा और हिरण आम हैं।
- सवाना की जैव विविधता उष्ण कटिबंध में सर्वाधिक है।
- जीव-जंतु घास और पानी पर निर्भर हैं।
- सवाना में मासाई जनजाति पशुपालन के लिए प्रसिद्ध है।
- सवाना में पशुपालन मुख्य आजीविका है।
- सवाना में मक्का और बाजरा प्रमुख फसलें हैं।
- पानी की कमी सवाना में मानव जीवन की बड़ी समस्या है।
- सवाना में पर्यटन आधुनिक आजीविका है।
- सवाना में जनसंख्या घनत्व मध्यम है।
- अफ्रीका का सेरेनगेटी सवाना विश्व प्रसिद्ध है।
- सवाना विश्व का 20% भूमि भाग घेरता है।
- भारत में दक्कन का क्षेत्र सवाना जैसा है।
- सवाना में आग घास को नवीनीकृत करती है।
- सवाना क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
- सवाना का पारिस्थितिकी तंत्र नाजुक है।
- सवाना में शिकार प्राचीन आजीविका थी।
- सवाना में घासभूमि पशुचारण का आधार है।
- सवाना में वर्षा का अभाव खेती को सीमित करता है।
- सवाना जलवायु में तापमान स्थिर रहता है।
- सवाना में प्रवासी पक्षी (जैसे सारस) पाए जाते हैं।
- सवाना क्षेत्र अफ्रीका की पहचान है।