पर्यावरण को जाने

विस्तृत नोट्स

1. पर्यावरण का अर्थ

परिभाषा: पर्यावरण वह समग्र परिवेश है जिसमें हम रहते हैं, जिसमें प्राकृतिक और मानव-निर्मित तत्व शामिल हैं। यह जीव-जंतुओं, पौधों, और मनुष्यों के बीच परस्पर क्रिया का आधार है।

पर्यावरण, परि तथा आवरण दो शब्दों से मिलकर बना है। परि का अर्थ है 'चारों ओर' तथा आवरण का अर्थ है 'घेरा' । हमारे चारों ओर जो भी दिखाई देता है जैसे-हवा, पानी, मिट्टी, धूप, पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, मनुष्य व अन्य वस्तुएं सभी पर्यावरण का हिस्सा है। ये सभी हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • पर्यावरण शब्द की उत्पत्ति फ्रांसीसी शब्द "Environ" से हुई, जिसका अर्थ है "आसपास"।
  • 1972 में स्टॉकहोम सम्मेलन (UN Conference on the Human Environment) ने पर्यावरण संरक्षण को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी, जिसे पहला प्रमुख पर्यावरण सम्मेलन माना जाता है।
  • भारत में 1986 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (Environment Protection Act) पारित हुआ, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था।

2. पर्यावरण की आवश्यकता और महत्व

आवश्यकता: पर्यावरण जीवन का आधार है, जो भोजन, जल, हवा, और आश्रय प्रदान करता है। यह मानव जीवन, जैव विविधता, और पारिस्थितिक संतुलन के लिए आवश्यक है।

महत्व:

  • जीवन का आधार: पर्यावरण जीव-जंतुओं और पौधों के लिए ऑक्सीजन, जल, और भोजन प्रदान करता है।
  • पारिस्थितिक संतुलन: यह खाद्य श्रृंखला और पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखता है।
  • आर्थिक महत्व: प्राकृतिक संसाधन जैसे खनिज, वन, और जल उद्योगों और आजीविका का आधार हैं।
  • सांस्कृतिक महत्व: पर्यावरण मानव संस्कृति, परंपराओं, और धार्मिक प्रथाओं को प्रभावित करता है।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 1973 में चिपको आंदोलन (उत्तराखंड) ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाई, जिसे भारत का पहला पर्यावरण आंदोलन माना जाता है।
  • 1992 में रियो डे जनेरियो में पृथ्वी शिखर सम्मेलन (Earth Summit) ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर वैश्विक सहमति बनाई।
  • 2015 में पेरिस समझौते ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को वैश्विक प्राथमिकता बनाया।

3. पर्यावरण के प्रकार

3.1 प्राकृतिक (भौतिक) पर्यावरण

परिभाषा: प्राकृतिक पर्यावरण में वे सभी तत्व शामिल हैं जो प्रकृति द्वारा निर्मित हैं, जैसे पर्वत, नदियाँ, वन, और वायु।

उप-विभाग:

  • जैविक पर्यावरण: इसमें सभी जीवित प्राणी जैसे पौधे, जंतु, और सूक्ष्मजीव शामिल हैं।
  • अजैविक पर्यावरण: इसमें निर्जन तत्व जैसे हवा, पानी, मिट्टी, और सूर्य का प्रकाश शामिल हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 1962 में रेचल कार्सन की पुस्तक "Silent Spring" ने कीटनाशकों के पर्यावरणीय प्रभावों पर ध्यान आकर्षित किया, जिसने आधुनिक पर्यावरण आंदोलन को प्रेरित किया।
  • भारत में 1974 में वन संरक्षण अधिनियम (Forest Conservation Act) लागू हुआ, जो प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण था।

3.2 जैविक पर्यावरण

परिभाषा: जैविक पर्यावरण में सभी जीवित प्राणी जैसे पौधे, जंतु, और सूक्ष्मजीव शामिल हैं।

विशेषताएँ:

  • पौधे: ऑक्सीजन उत्पादन, भोजन प्रदान करना, और मृदा संरक्षण।
  • जंतु: पारिस्थितिकी तंत्र में खाद्य श्रृंखला और परागण में योगदान।
  • सूक्ष्मजीव: अपघटन और मृदा उर्वरता में भूमिका।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 1980 में भारत में जैव विविधता संरक्षण के लिए राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति शुरू की गई।
  • 2002 में जैव विविधता अधिनियम (Biodiversity Act) पारित हुआ, जो जैविक पर्यावरण की रक्षा करता है।

3.3 अजैविक पर्यावरण

परिभाषा: अजैविक पर्यावरण में निर्जन तत्व जैसे स्थलमण्डल, जलमण्डल, और वायुमण्डल शामिल हैं।

उप-विभाग:

  • स्थलमण्डल (Lithosphere): पृथ्वी की ठोस सतह, जिसमें मिट्टी, चट्टानें, और खनिज शामिल हैं।
  • जलमण्डल (Hydrosphere): पृथ्वी पर उपलब्ध सभी जल स्रोत, जैसे नदियाँ, झीलें, और महासागर।
  • वायुमण्डल (Atmosphere): गैसों की परत जो पृथ्वी को घेरती है, जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, और कार्बन डाइऑक्साइड।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने ओजोन परत को हानिकारक पदार्थों से बचाने के लिए वैश्विक समझौता किया।
  • भारत में 1981 में वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम (Air Pollution Control Act) लागू हुआ।

3.4 मानवीय (सामाजिक) पर्यावरण

परिभाषा: मानवीय पर्यावरण में मानव द्वारा निर्मित तत्व जैसे सड़कें, भवन, और सामाजिक-सांस्कृतिक संरचनाएँ शामिल हैं।

उप-विभाग:

  • भौतिक पर्यावरण: मानव-निर्मित संरचनाएँ जैसे शहर, सड़कें, और कारखाने।
  • सांस्कृतिक पर्यावरण: मानव की संस्कृति, परंपराएँ, और सामाजिक व्यवहार।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 1972 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की स्थापना हुई, जो मानवीय और प्राकृतिक पर्यावरण के बीच संतुलन को बढ़ावा देता है।
  • भारत में नमामि गंगे परियोजना (2016) मानवीय गतिविधियों से गंगा नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए शुरू हुई।

4. जीव-जंतुओं की पारस्परिक निर्भरता

परिभाषा: जीव-जंतु, पौधे, और सूक्ष्मजीव एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखता है।

उदाहरण:

  • खाद्य श्रृंखला: पौधे (उत्पादक) → शाकाहारी जंतु → मांसाहारी जंतु।
  • परागण: मधुमक्खियाँ और तितलियाँ पौधों के परागण में मदद करती हैं।
  • अपघटन: सूक्ष्मजीव मृत पदार्थों को अपघटित कर मृदा को उपजाऊ बनाते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य :

  • 1866 में अर्न्स्ट हैकेल ने "पारिस्थितिकी" (Ecology) शब्द का प्रयोग किया, जो जीव-जंतुओं की पारस्परिक निर्भरता का अध्ययन करता है।
  • 2008 में भारत में राष्ट्रीय जैव विविधता कार्य योजना (NBAP) ने जैविक निर्भरता को संरक्षित करने पर जोर दिया।

सारांश (एक पंक्ति के तथ्य)

  1. पर्यावरण वह परिवेश है जिसमें प्राकृतिक और मानव-निर्मित तत्व शामिल हैं।
  2. पर्यावरण जीवन का आधार है, जो भोजन, जल, और हवा प्रदान करता है।
  3. 1972 का स्टॉकहोम सम्मेलन पर्यावरण संरक्षण का पहला वैश्विक सम्मेलन था।
  4. पर्यावरण के दो मुख्य प्रकार हैं: प्राकृतिक और मानवीय।
  5. प्राकृतिक पर्यावरण में जैविक और अजैविक तत्व शामिल हैं।
  6. जैविक पर्यावरण में पौधे, जंतु, और सूक्ष्मजीव शामिल हैं।
  7. अजैविक पर्यावरण में स्थलमण्डल, जलमण्डल, और वायुमण्डल शामिल हैं।
  8. स्थलमण्डल पृथ्वी की ठोस सतह को दर्शाता है।
  9. जलमण्डल में नदियाँ, झीलें, और महासागर शामिल हैं।
  10. वायुमण्डल पृथ्वी को घेरने वाली गैसों की परत है।
  11. मानवीय पर्यावरण में भौतिक और सांस्कृतिक तत्व शामिल हैं।
  12. भौतिक पर्यावरण में मानव-निर्मित संरचनाएँ जैसे सड़कें और भवन शामिल हैं।
  13. सांस्कृतिक पर्यावरण में परंपराएँ और सामाजिक व्यवहार शामिल हैं।
  14. जीव-जंतु और पौधे एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
  15. खाद्य श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  16. मधुमक्खियाँ परागण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
  17. सूक्ष्मजीव अपघटन के माध्यम से मृदा को उपजाऊ बनाते हैं।
  18. 1973 में चिपको आंदोलन ने भारत में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया।
  19. 1986 में भारत में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू हुआ।
  20. 1992 में रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन ने सतत विकास पर जोर दिया।
  21. 2015 में पेरिस समझौता जलवायु परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण था।
  22. 1962 में रेचल कार्सन की पुस्तक Silent Spring ने पर्यावरण आंदोलन को प्रेरित किया।
  23. 1974 में भारत में वन संरक्षण अधिनियम लागू हुआ।
  24. 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने ओजोन परत संरक्षण पर समझौता किया।
  25. 1981 में भारत में वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम लागू हुआ।
  26. 1972 में UNEP की स्थापना पर्यावरण संरक्षण के लिए हुई।
  27. 2002 में भारत में जैव विविधता अधिनियम पारित हुआ।
  28. 1866 में अर्न्स्ट हैकेल ने पारिस्थितिकी शब्द का प्रयोग किया।
  29. 2008 में भारत में राष्ट्रीय जैव विविधता कार्य योजना शुरू हुई।
  30. नमामि गंगे परियोजना 2016 में गंगा संरक्षण के लिए शुरू हुई।
  31. पर्यावरण संरक्षण सतत विकास का आधार है।
  32. पारिस्थितिक संतुलन जीवन के लिए आवश्यक है।
  33. पर्यावरणीय जागरूकता प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण है।

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. पर्यावरण शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?





2. पर्यावरण का पहला वैश्विक सम्मेलन कब हुआ?





3. भारत में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम कब लागू हुआ?





4. चिपको आंदोलन कब शुरू हुआ?





5. प्राकृतिक पर्यावरण में कौन सा तत्व शामिल नहीं है?





6. जैविक पर्यावरण में क्या शामिल है?





7. अजैविक पर्यावरण का हिस्सा क्या है?





8. स्थलमण्डल में क्या शामिल है?





9. जलमण्डल में क्या शामिल है?





10. वायुमण्डल में कौन सी गैस प्रचुर मात्रा में है?





11. मानवीय पर्यावरण में क्या शामिल है?





12. सांस्कृतिक पर्यावरण में क्या शामिल है?





13. खाद्य श्रृंखला का प्रारंभिक स्तर क्या है?





14. परागण में कौन सा जीव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?





15. मृदा की उर्वरता में कौन योगदान देता है?





16. रेचल कार्सन की पुस्तक Silent Spring कब प्रकाशित हुई?





17. भारत में वन संरक्षण अधिनियम कब लागू हुआ?





18. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कब हस्ताक्षरित हुआ?





19. पारिस्थितिकी शब्द का प्रयोग किसने किया?





20. नमामि गंगे परियोजना कब शुरू हुई?