सर्वनाम: परिभाषा एवं विशेषताएँ

शाब्दिक अर्थ: सर्व + नाम = सबका नाम

परिभाषा: वह विकारी शब्द जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होकर उसकी पुनरावृत्ति रोकता है।

महत्वपूर्ण: सर्वनाम में संबोधन कारक नहीं होता। कुल 7 कारक

सर्वनाम के 6 भेद

1. पुरुषवाचक सर्वनाम (3 उपभेद) (80+ उदाहरण)

परिभाषा: वक्ता, श्रोता या अन्य व्यक्ति के लिए प्रयुक्त सर्वनाम।

उपभेदएकवचनबहुवचनकारक रूपउदाहरण वाक्य
(i) उत्तम पुरुष मैं हम मुझे, मुझको, मैंने, मेरा, हमको, हमें मैं बनारस जा रहा हूँ। हम ताजमहल देखने जाएँगे।
(ii) मध्यम पुरुष तू तुम, आप तुझे, तुमको, आपको, तूने, तुमने तू कहाँ जा रहा है? आप अन्दर आकर बैठिए।
(iii) अन्य पुरुष यह, वह ये, वे इसे, उसको, इसने, उसने, इनको, उनको यह क्या कर रहा है? वह क्रिकेट खेल रहा है।

विशेष: आप = आदरसूचक (एकवचन में भी बहुवचन क्रिया)

2. निश्चयवाचक सर्वनाम (यह, वह) (50+ उदाहरण)

परिभाषा: निकट या दूर की निश्चित वस्तु/व्यक्ति की ओर संकेत।

  • निकटवर्ती: यह, ये, इतना, ऐसा
  • दूरवर्ती: वह, वे, उतना, वैसा
  • यह मकान मेरे भाई का है।
  • वह बहुत अच्छा लड़का है।
  • ये फल ताज़े हैं।
  • वे लोग आएँगे।
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (कोई, कुछ) (40+ उदाहरण)

परिभाषा: अनिश्चित व्यक्ति/वस्तु का बोध।

  • कोई आ रहा है।
  • कुछ लोग बाहर खड़े हैं।
  • कोई सज्जन आपको बुला रहे हैं।
  • दूध में कुछ पड़ गया है।

संयुक्त: कोई-न-कोई, कुछ-न-कुछ, हर कोई, सब कोई

4. संबंधवाचक सर्वनाम (जो, सो) (50+ उदाहरण)

परिभाषा: दो वाक्यों/संज्ञाओं को जोड़ता है।

  • जो करेगा, सो भरेगा।
  • जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
  • जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।
  • जहाँ चाह, वहाँ राह।
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (कौन, क्या) (40+ उदाहरण)

परिभाषा: प्रश्न पूछने के लिए।

  • प्राणी: कौन, किस
  • अप्राणी: क्या, कितना
  • कौन खेल रहा है?
  • क्या नाम है?
  • कितना पैसा चाहिए?
  • कैसे आए?
6. निजवाचक सर्वनाम (30+ उदाहरण)

परिभाषा: स्वयं के लिए प्रयुक्त (तीनों पुरुषों में)।

  • आप, अपना, अपने-आप, आप ही, स्वयं, खुद, निज
  • मैं यह काम स्वयं कर लूँगा।
  • तुम्हें अपने-आप को सुधारना होगा।
  • उसने खुद ही समाधान निकाला।

सर्वनाम की कारक-रचना (7 कारक)

सर्वनामकर्ताकर्मकरणसंप्रदानअपादानसंबंधअधिकरण
मैं मैं, मैंने मुझे, मुझको मुझसे मुझे मुझसे मेरा, मेरी मुझमें, मुझपर
तू तू, तूने तुझे, तुझको तुझसे तुझे तुझसे तेरा, तेरी तुझमें
वह वह, उसने उसे, उसको उससे उसको उससे उसका, उसकी उसमें
आप आप, आपने आपको आपसे आपको आपसे आपका आपमें
यह यह, इसने इसे, इसको इससे इसे इससे इसका इसमें
कोई कोई, किसी ने किसी को किसी से किसी को किसी से किसी का किसी में

परीक्षोपयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्य

  • सर्वनाम के कुल 6 भेद होते हैं।
  • 11 मूल सर्वनाम: मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ।
  • कोई, कुछ = अनिश्चयवाचक।
  • संयुक्त सर्वनाम: कोई-न-कोई, कुछ-न-कुछ, हर कोई, सब कोई।
  • डॉ. दीमशित्स ने संयुक्त सर्वनाम की पृथक श्रेणी दी।
  • सर्वनाम विकारी है, पर लिंग के कारण परिवर्तन नहीं
  • 7 कारक (संबोधन नहीं)।
  • पुरुषवाचक के 3 उपभेद: उत्तम, मध्यम, अन्य।
  • आप, अपना, स्वयं = निजवाचक।
  • पद-परिचय: सर्वनाम, भेद, पुरुष, लिंग, वचन, कारक, संबंध।
  • कौन = प्राणी, क्या = अप्राणी (प्रश्न में)।
  • जो-सो, जैसा-वैसा = संबंधवाचक।
  • आप = आदरसूचक (बहुवचन क्रिया)।
  • यह/वह = निश्चयवाचक + अन्य पुरुष।
  • स्वयं = तीनों पुरुषों में निजता।