सर्वनाम
6 भेद | 11 मूल सर्वनाम
सर्वनाम: परिभाषा एवं विशेषताएँ
शाब्दिक अर्थ: सर्व + नाम = सबका नाम
परिभाषा: वह विकारी शब्द जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होकर उसकी पुनरावृत्ति रोकता है।
- विकारी: पुरुष, वचन, कारक में परिवर्तन
- लिंग: परिवर्तन नहीं (यद्यपि लिंग के कारण रूपांतरण नहीं)
- उद्देश्य: वाक्य में संज्ञा की पुनरुक्ति रोकना
- 11 मूल सर्वनाम: मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ
महत्वपूर्ण: सर्वनाम में संबोधन कारक नहीं होता। कुल 7 कारक।
सर्वनाम के 6 भेद
1. पुरुषवाचक सर्वनाम (3 उपभेद) (80+ उदाहरण)
परिभाषा: वक्ता, श्रोता या अन्य व्यक्ति के लिए प्रयुक्त सर्वनाम।
| उपभेद | एकवचन | बहुवचन | कारक रूप | उदाहरण वाक्य |
|---|---|---|---|---|
| (i) उत्तम पुरुष | मैं | हम | मुझे, मुझको, मैंने, मेरा, हमको, हमें | मैं बनारस जा रहा हूँ। हम ताजमहल देखने जाएँगे। |
| (ii) मध्यम पुरुष | तू | तुम, आप | तुझे, तुमको, आपको, तूने, तुमने | तू कहाँ जा रहा है? आप अन्दर आकर बैठिए। |
| (iii) अन्य पुरुष | यह, वह | ये, वे | इसे, उसको, इसने, उसने, इनको, उनको | यह क्या कर रहा है? वह क्रिकेट खेल रहा है। |
विशेष: आप = आदरसूचक (एकवचन में भी बहुवचन क्रिया)
2. निश्चयवाचक सर्वनाम (यह, वह) (50+ उदाहरण)
परिभाषा: निकट या दूर की निश्चित वस्तु/व्यक्ति की ओर संकेत।
- निकटवर्ती: यह, ये, इतना, ऐसा
- दूरवर्ती: वह, वे, उतना, वैसा
- यह मकान मेरे भाई का है।
- वह बहुत अच्छा लड़का है।
- ये फल ताज़े हैं।
- वे लोग आएँगे।
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (कोई, कुछ) (40+ उदाहरण)
परिभाषा: अनिश्चित व्यक्ति/वस्तु का बोध।
- कोई आ रहा है।
- कुछ लोग बाहर खड़े हैं।
- कोई सज्जन आपको बुला रहे हैं।
- दूध में कुछ पड़ गया है।
संयुक्त: कोई-न-कोई, कुछ-न-कुछ, हर कोई, सब कोई
4. संबंधवाचक सर्वनाम (जो, सो) (50+ उदाहरण)
परिभाषा: दो वाक्यों/संज्ञाओं को जोड़ता है।
- जो करेगा, सो भरेगा।
- जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
- जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।
- जहाँ चाह, वहाँ राह।
5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (कौन, क्या) (40+ उदाहरण)
परिभाषा: प्रश्न पूछने के लिए।
- प्राणी: कौन, किस
- अप्राणी: क्या, कितना
- कौन खेल रहा है?
- क्या नाम है?
- कितना पैसा चाहिए?
- कैसे आए?
6. निजवाचक सर्वनाम (30+ उदाहरण)
परिभाषा: स्वयं के लिए प्रयुक्त (तीनों पुरुषों में)।
- आप, अपना, अपने-आप, आप ही, स्वयं, खुद, निज
- मैं यह काम स्वयं कर लूँगा।
- तुम्हें अपने-आप को सुधारना होगा।
- उसने खुद ही समाधान निकाला।
सर्वनाम की कारक-रचना (7 कारक)
| सर्वनाम | कर्ता | कर्म | करण | संप्रदान | अपादान | संबंध | अधिकरण |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मैं | मैं, मैंने | मुझे, मुझको | मुझसे | मुझे | मुझसे | मेरा, मेरी | मुझमें, मुझपर |
| तू | तू, तूने | तुझे, तुझको | तुझसे | तुझे | तुझसे | तेरा, तेरी | तुझमें |
| वह | वह, उसने | उसे, उसको | उससे | उसको | उससे | उसका, उसकी | उसमें |
| आप | आप, आपने | आपको | आपसे | आपको | आपसे | आपका | आपमें |
| यह | यह, इसने | इसे, इसको | इससे | इसे | इससे | इसका | इसमें |
| कोई | कोई, किसी ने | किसी को | किसी से | किसी को | किसी से | किसी का | किसी में |
परीक्षोपयोगी महत्त्वपूर्ण तथ्य
- सर्वनाम के कुल 6 भेद होते हैं।
- 11 मूल सर्वनाम: मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ।
- कोई, कुछ = अनिश्चयवाचक।
- संयुक्त सर्वनाम: कोई-न-कोई, कुछ-न-कुछ, हर कोई, सब कोई।
- डॉ. दीमशित्स ने संयुक्त सर्वनाम की पृथक श्रेणी दी।
- सर्वनाम विकारी है, पर लिंग के कारण परिवर्तन नहीं।
- 7 कारक (संबोधन नहीं)।
- पुरुषवाचक के 3 उपभेद: उत्तम, मध्यम, अन्य।
- आप, अपना, स्वयं = निजवाचक।
- पद-परिचय: सर्वनाम, भेद, पुरुष, लिंग, वचन, कारक, संबंध।
- कौन = प्राणी, क्या = अप्राणी (प्रश्न में)।
- जो-सो, जैसा-वैसा = संबंधवाचक।
- आप = आदरसूचक (बहुवचन क्रिया)।
- यह/वह = निश्चयवाचक + अन्य पुरुष।
- स्वयं = तीनों पुरुषों में निजता।